स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व शुक्रवार (14 अगस्त) को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीरता और सेवा पदक का ऐलान करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है. इस मौके पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) में सेंट्रल रिजर्व  पुलिस फोर्स (CRPF) को सबसे ज्यादा (कुल 86) पदक मिले हैं. 

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अधिसूचना के मुताबिक, 'देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल को 24 वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए पांच राष्ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा के लिए 57 पद मिले हैं.' 

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह वीरता पदक जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी दो ऑपरेशन और मणिपुर में विद्रोहियों के खिलाफ एक ऑपरेशन से हासिल किए गए. यह दोनों 2024 में हुए थे.

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उन्होंने कहा कि बल को रक्षा मंत्रालय की तरफ से दिए जाने वाले कुछ वीरता पदक भी मिलने की उम्मीद है. इनमें उप महानिरीक्षक (DIG) एम. धिनकरन पीएसएम (विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक)पाने वालों में शामिल है.

एम धिनकरन ने 3 दशकों से ज्यादा समय तक अर्धसैनिक बल में सर्विस दी

धिनकरन पहले एसपीजी में रह चुके हैं. वर्तमान में वह चेन्नई के अवादी में सीआरपीएफ रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर चीफ हैं. धिनकरन ने पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक अर्धसैनिक बल में सेवा की है. इसमें उन्होंने नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान यूनिट्स की कमान संभाली है. साथ ही सीआरपीएफ के इंटेलिजेंस और वीआईपी सुरक्षा विंग को लीड किया है.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि डीआईजी को उनकी लंबी और विशिष्ट सेवा, ईमानदारी, समर्पण और बेहतरीन पेशेवर प्रदर्शन के लिए पीएसएम से सम्मानित किया गया.

लगभग 3 लाख 25 हजार कर्मियों वाली सीआरपीएफ देश की मुख्य आंतरिक सुरक्षा बल है. इसकी यूनिट्स मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में तैनात है. इनमें नक्सल विरोधी ऑपरेशन, जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी कार्य और पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद विरोधी ड्यूटी शामिल है. इनके अलावा बीएसफ यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को 1, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) को 20 पदक से सम्मानित किया गया है. सीमा की सुरक्षा वाले इस बल को अन्य सीएपीएफ के अलावा 47 सेवा पदक भी मिले हैं.