संकट के बीच 'आत्मनिर्भरता' का मास्टरस्ट्रोक? PM मोदी की अपील पर क्या सोचता है MSME सेक्टर
एबीपी न्यूज ने Cosmozing Foodlabs Pvt Ltd के फाउंडर और डायरेक्टर उत्तम सिन्हा से चर्चा की है. उनसे पीएम मोदी की ईधन बचाने की अपील के पीछे मकसद को लेकर सवाल किया गया, इस पर उन्होंने अपनी बात रखी.

Exclusive Conversation on PM Modi Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से ईंधन बचाने की अपील की है. उन्होंने समझदारी से इसके इस्तेमाल की अपील देश के लोगों से की है. मिडिल ईस्ट की वजह से बने युद्ध के हालात के बाद से दुनिया समेत देश भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है. ऐसे में पीएम मोदी ने देश से कोरोना काल के समय अपनाई गई लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर को अपनाने की बात कही है.
ऐसे में एबीपी न्यूज ने Cosmozing Foodlabs Pvt Ltd के फाउंडर और डायरेक्टर उत्तम सिन्हा से चर्चा की है. जब उनसे पूछा गया कि आप PM नरेंद्र मोदी की नागरिकों से ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील को कैसे देखते हैं? क्या सरकार को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) को अनिवार्य बनाने का आदेश जारी करना चाहिए? सोना खरीदने और विदेश यात्रा को टालने की PM मोदी की अपील के पीछे क्या सोच है? क्या ये खर्च में कटौती के उपाय भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे?
इस पर उत्तम सिन्हा ने कहा कि दुनिया भर में तनाव बढ़ रहा है, जिससे तेल उत्पादक क्षेत्रों और व्यापार मार्गों पर असर पड़ रहा है. इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और डॉलर तथा विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है.
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उन्होंने कहा कि इस सलाह के पीछे तर्क है कि विदेशी मुद्रा का बाहर जाना कम करना. गैर-जरूरी विदेश यात्रा को सीमित करने से डॉलर का वह खर्च बचता है जिसे टाला जा सकता है. घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना. जो पैसा विदेश में खर्च होता, वह भारत में ही रहता है, जिससे पर्यटन, होटल, व्यापार और सेवाओं को बढ़ावा मिलता है.
बहुत ज्यादा सोने के आयात से भी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है: सिन्हा
सिन्हा ने कहा कि बहुत ज्यादा सोने के आयात से भी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है. उस पैसे को प्रोडक्शन सेक्टर में और बाजारों में लगाने से अर्थव्यवस्था ज्यादा मजबूत होती है. बजाय इसके कि सोना खरीदकर उसे बेकार पड़ा रहने दिया जाए.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सलाह है, कोई कानूनी रोक नहीं. इसका मकसद गैर-जरूरी विदेशी मुद्रा खर्च को कुछ समय के लिए कम करना है. राष्ट्रीय हित में उठाए गए कदमों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए. संयम बरतने की हर अपील को सिर्फ प्रचार कहकर खारिज कर देने से बहस को कोई फायदा नहीं होता. सिन्हा ने कहा कि एक उद्यमी और निर्माता के तौर पर मेरी यही राय है. विदेशी मुद्रा का बाहर जाना कम करना. घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है.

























