शेख हसीना के बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से देश के हालात खराब होते जा रहे हैं. बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार बनने के बाद से भारत के इस पड़ोसी देश में अराजकता का माहौल है. हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों समुदायों पर जुल्म थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. इसी बीच भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन का बड़ा बयान सामने आया है.

कोलकाता में शुक्रवार (23 मई, 2025) को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि बांग्लादेश में क्या हो रहा है. मुझे नहीं पता कि आज बांग्लादेश में वास्तव में क्या हो रहा है, यह कोई जानता भी है या नहीं. मुझे लगता है कि वो (मुहम्मद यूनुस) निराश हैं, क्योंकि वह बांग्लादेश के अंदर जो कुछ हो रहा है, उसे समझ नहीं पा रहे हैं.

'भारत और बांग्लादेश को करीबी दोस्त बनना चाहिए'भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत और बांग्लादेश को दोस्त बनना चाहिए. सिर्फ दोस्त ही नहीं, बल्कि बेहद करीबी दोस्त. उन्होंने आगे कहा कि मुझे उम्मीद है कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को सुधारने और इसे पहले जैसी स्थिति में वापस लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे.

यूनुस सरकार के खिलाफ बीएनपी का विरोध प्रदर्शनन्यूज़ एजेंसी एएफपी ने एक सूत्र से हवाले से कहा कि मोहम्मद यूनुस ने अपने मंत्रिमंडल से कहा है कि अगर राजनीतिक दल उन्हें अपना पूरा समर्थन नहीं देते हैं तो वो पद छोड़ देंगे. यूनुस के पद छोड़ने की धमकी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के हजारों समर्थकों ने ढाका में एक बड़ी रैली निकाली. यूनुस सरकार के खिलाफ पहली बार बीएनपी ने इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया.

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