ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन इस बार भारत में होना है. इससे ठीक पहले केंद्र सरकार ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी को लेकर बड़ा फैसला किया है. केंद्र ने विक्रम मिसरी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है. उनका कार्यकाल इस साल 14 जुलाई को खत्म होने वाला था. हालांकि अब वे एक साल तक और जिम्मेदारी को संभालेंगे. 

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1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी विक्रम मिसरी का कार्यकाल 14 जुलाई 2027 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आदेश जारी कर उनके सेवा विस्तार को मंजूरी दी है. कमेटी ने यह निर्णय FR 56(D) नियम के प्रावधानों के तहत लिया है.

कौन हैं विक्रम मिसरी

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विक्रम मिसरी 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं. उनका करियर तीन दशक से ज्यादा का रहा है. वे विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान से जुड़े मामलों को देख चुके हैं. इसके साथ ही बतौर स्टाफ तत्कालीन विदेश मंत्रियों प्रणब मुखर्जी और आईके गुजराल के साथ अहम भूमिका निभा चुके हैं. विक्रम मिसरी डॉक्टर मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के निजी सचिव भी रह चुके हैं. 

देश के लिए कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं विक्रम मिसरी

मिसरी ने 2019-2021 तक चीन में भारत के राजदूत के तौर पर काम किया. जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद भारत और चीन के बीच तनाव काफी बढ़ गया था. माना जाता है कि उस दौरान हुई बातचीत में मिसरी ने अहम भूमिका निभाई थी. मिसरी ने स्पेन (2014-2016) और म्यांमा (2016-2018) में भारत के राजदूत के तौर पर भी काम किया है. इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान, अमेरिका, जर्मनी, बेल्जियम और श्रीलंका जैसे कई भारतीय मिशनों में भी अपनी सेवाएं दी हैं.

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