पश्चिम अफ्रीकी देश माली में पांच भारतीय नागरिकों के अपहरण की पुष्टि होने के बाद भारत सरकार और भारतीय दूतावास ने उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए तुरंत प्रयास शुरू कर दिए हैं. विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को बताया कि बमाको स्थित भारतीय दूतावास माली के अधिकारियों और संबंधित कंपनी के साथ लगातार संपर्क में है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह घटना 6 नवंबर 2025 को उस इलाके में हुई जहां पिछले कुछ वर्षों में सशस्त्र समूहों द्वारा कई हमले और अपहरण की घटनाएं होती रही हैं.

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भारतीय दूतावास का बयानमाली में भारतीय दूतावास ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, '6 नवंबर को हमारे पांच नागरिकों के अपहरण की दुखद घटना की जानकारी है. दूतावास माली के अधिकारियों और संबंधित कंपनी के साथ मिलकर उनकी सुरक्षित और जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है.' पोस्ट में MEAIndia और PMOIndia को भी टैग किया गया, जिससे स्पष्ट है कि सरकार मामले को हाई लेवल से देख रही है.

लगातार संपर्क और कोशिशेंनई दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि भारतीय दूतावास माली की सुरक्षा एजेंसियों और उस कंपनी से लगातार संपर्क में है, जहां ये भारतीय काम कर रहे थे. MEA मुख्यालय भी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को समझने के लिए अन्य विदेशी मिशनों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ समन्वय कर रहा है. मंत्रालय ने कहा कि उनकी रिहाई के लिए 'सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.'

अस्थिरता से जूझ रहा है मालीमाली पश्चिम अफ्रीका के सबसे अस्थिर देशों में से एक है. यहां कई सैन्य तख्तापलट, अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े जिहादी समूहों की बढ़ती गतिविधियों के कारण स्थिति बिगड़ती गई है. विशेष रूप से माली के मध्य और उत्तरी हिस्सों में विदेशी कामगारों के अपहरण की घटनाएं आम हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में सरकारी नियंत्रण काफी कमजोर है.