नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब तेजी से एक बड़े एविएशन हब के रूप में उभर रहा है. पैसेंजर फ्लाइट्स शुरू होने के बाद अब यहां कार्गो ऑपरेशन की भी शुरुआत हो गई है. आज सुबह करीब 7:30 बजे चेन्नई से पहली कार्गो फ्लाइट नोएडा एयरपोर्ट पर लैंड हुई, जिसके साथ ही मल्टी-मोडल कार्गो हब लॉन्च हो गया.

Continues below advertisement

इस पूरे कार्गो ऑपरेशन को संभालने की जिम्मेदारी AISATS यानी Air India SATS को दी गई है - नोएडा एयरपोर्ट पर कंपनी कार्गो टर्मिनल, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन को मैनेज करेगी. आज पहली कार्गो फ्लाइट चेन्नई से आई जिसमें ई-कॉमर्स और अन्य कमर्शियल सामान लाया गया. इस फ्लाइट के जरिए एयरपोर्ट की पूरी कार्गो व्यवस्था जैसे कार्गो हैंडलिंग, स्टोरेज, डिजिटल प्रोसेस और रोड कनेक्टिविटी का भी एक टेस्ट किया गया.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें: G7 Summit Viral Video: G7 में जेलेंस्की करने लगे मेलोनी को Kiss, असहज हुईं इटली की पीएम? VIDEO वायरल

लॉजिस्टिक्स को बढ़ावाAISATS की एंट्री के साथ नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो ऑपरेशन प्रोफेशनल और हाई-टेक तरीके से चलने की उम्मीद है. इससे कारोबारियों को तेज़ और भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मिलेगा. अब तक दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्गो का काफी दबाव था, लेकिन नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने से यह दबाव कम होगा. खासकर ई-कॉमर्स, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि उत्पादों के ट्रांसपोर्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

AISATS की जिम्मेदारीनोएडा एयरपोर्ट का यह कार्गो हब शुरुआती चरण में लाखों टन सामान संभालने की क्षमता रखता है और आने वाले समय में इसे और बड़ा किया जाएगा. यमुना एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी होने की वजह से यहां से माल देशभर में तेजी से पहुंचाया जा सकेगा. कुछ ही दिनों पहले यहां पैसेंजर फ्लाइट की शुरुआत हुई थी और अब कार्गो ऑपरेशन शुरू होने के साथ यह एयरपोर्ट सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए भी एक बड़ा सेंटर बन गया है. आने वाले समय में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत का एक बड़ा कार्गो हब बन सकता है जहां AISATS की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है. यह भी पढ़ें :  PM मोदी ने ट्रंप से हाथ तो मिलाया, लेकिन गले नहीं... G7 समिट में पहले दिन दोनों नेताओं के बीच मुलाकात डिकोड