जयपुर: राजस्थान सरकार ने अपने सालाना बजट में चुनाव के मद्देनज़र लोकलुभावन वादों की भरमार करते हुए फौरी तौर पर सवा लाख नौकरियां देने का एलान किया है. इसके साथ ही छोटे और सीमांत किसानों के 50 हजार तक के ब्याज की माफी की घोषणा की गई है.
इस कर्ज माफ़ी से राजस्थान सरकार पर आठ हज़ार करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा. बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनी महिलाओं को मिलने वाली रकम बढ़ाने की घोषणी की गई है.
Budget Highlights
- 54000 थर्ड ग्रेड शिक्षकों की होगी भर्तियां
- 9000 सेकेंड ग्रेड शिक्षकों की होगी भर्तियां
- 2000 पटवारियों की होगी भर्ती
- 24 आईटीआई में महिला विंग खोले जाएँगे-
- महिला कर्मचारियों को कार्यकाल में 2 वर्ष की 'चाइल्ड केयर लीव' दी जाएगी
- दिव्यांग कोष की स्थापना होगी. इसके लिए एक करोड़ रुपए का प्रावधान.
- सुंदर सिंह भंडारी स्वरोजगार योजना की घोषणा जिसमें 50 हजार रुपए का ऋण दिया जाएगा.
- राज्य के हर जिले में एक नंदी गौशाला के लिए 50 लाख का अनुदान दिना जाएगा.
- अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य जयपुर के क्रिकेटर कमलेश नागरकोटी को 25 लाख रुपए देने की घोषणा.
- इसके अलावा 1,832 स्कूलों को ग्रैजुएशन की पढ़ाई लायक बनाया जाएगा.
- शिक्षा के क्षेत्र में 77,100 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी.
- राज्य के 18 सब डिविजन पर नए राजकीय कॉलेज खोला जाएगा.
- राजस्थान में 5 हजार 518 स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती होगी.
- बीकानेर में मेडिकल कॉलेज में नए कैथ लैब की स्थापना होगी.
- अजमेर मेडिकल कॉलेज में भी नए कैथ लैब की स्थापना होगी.
- 27 जिला अस्पतालों में आधुनिक फायर स्टेशन बनाए जाएंगे.
- 1000 नए अन्नपूर्णा भंडार खोले जाएँगे-
- शाहपुरा के हॉस्पिटल को अपग्रेड किया जाएगा.
- 28 नए पीएसची खोले जाएंगे.
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मानदेयकर्मियों का मानदेय बढ़ाया, 1 लाख 84 हजार महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मानदेयकर्मी को होगा फायदा
बजट पर उप-चुनाव और विधानसभा चुनवा इफेक्ट
आपको बता दें कि इस साल के आखिर में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं. राज्य में सरकार बनने का पैटर्न कुछ ऐसा रहा है कि एक बार वोटर्स बीजेपी तो वहीं दूसरी बार कांग्रेस को मौका देते आए हैं. हाल में हुए दो लोकसभा सीट और एक विधानसभा सीट के उप-चुनाव में बीजेपी तीनों सीटें भारी अतंर से हार गई. नतीजों के बाद से वसुंधर सरकार पर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे लोकलुभावन वादों से राजे राज्य को वोटरों को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रही हों.
