पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ने प्रचंड जीत हासिल की. इस पर ममता बनर्जी के करीबी टीएमसी सांसद सौगत रॉय का बड़ा बयान सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस को फाल्टा सीट पर मिली करारी हार के पीछे उन्होंने अपने ही उम्मीदवार जहांगीर को जिम्मेदार ठहराया.
क्या बोले टीएमसी सांसद?
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'हमारे उम्मीदवार (जहांगीर खान) ने हमारे साथ 'गद्दारी' की. उन्होंने चुनाव प्रचार खत्म होने से ठीक तीन दिन पहले चुनाव से अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी. तब तक हमें दूसरा उम्मीदवार खड़ा करने का मौका ही नहीं मिला, इसलिए यह नतीजा आया.'
बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा जीते
बीजेपी प्रत्याशी देबांगशु पांडा ने फाल्टा सीट पर हुए उपचुनाव में 1 लाख 9 हजार 21 वोटों के बड़े अंतर से चुनाव जीता. वहीं टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान की जमानत जब्त हो गई थी. पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि सीपीआई (एम) प्रत्याशी शंभूनाथ कुर्मी 40,645 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे. कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक 10,084 वोटों के साथ तीसरे, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान 7,783 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे.
पहली बार चौथे नंबर पर आया उम्मीदवार
जनवरी 1988 में टीएमसी की स्थापना के बाद से इतिहास में यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार को चौथा स्थान मिला है. 2011 के बाद से जब 34 साल के वाम मोर्चे के शासन का अंत हुआ और तृणमूल कांग्रेस शासन की शुरुआत हुई, यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई है.
21 मई को हुआ था उपचुनाव
फाल्टा में 21 मई को दोबारा वोटिंग हुई थी. पांडा की जीत के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में भाजपा की कुल सीटें अब 208 हो गई हैं.
