भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तल्खी हमेशा से बनी रही है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों से हमेशा साफ किया है कि सीमा पार आतंकवाद रुकने के बाद ही पाकिस्तान से बातचीत संभव है. इस बीच, इज़राइल जा रही 'फ्लाईदुबई' की एक उड़ान में हुई घटना के बाद यह सवाल चर्चा में आ गया है कि क्या किसी देश के पायलट की राष्ट्रीयता यह तय कर सकती है कि वह किसी अन्य देश के वायुक्षेत्र में विमान उड़ा सकता है या नहीं? और क्या कोई पाकिस्तानी पायलट भारत के लिए विमान उड़ा सकता है?

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फ्लाईदुबई की घटना और इज़राइल का नियम

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) के कॉकपिट में एक डरावनी घटना घटी. इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, फ्लाइट के ओमानी नागरिक को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया. चाकूबाज़ी की इस घटना के बाद विमान लगभग 30 सेकंड में 14,000 फीट तेजी से नीचे की ओर गिर गया. हालांकि, यात्रियों और क्रू ने मिलकर को-पायलट पर काबू पाया और विमान में यात्रा कर रहे दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से फ्लाइट को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कराया गया.

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इस आपराधिक घटना के अलावा एक बड़ा नियामक सवाल खड़ा हो गया. क्या ओमान का नागरिक इज़राइल जाने वाली फ्लाइट में क्रू मेंबर हो सकता था? चूंकि ओमान और इज़राइल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, इसलिए इज़राइल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं.

इज़राइल और यूएई के बीच हुए द्विपक्षीय विमानन समझौते के तहत, इज़राइल जाने वाली उड़ानों के पायलट केवल उन्हीं देशों के होने चाहिए जिनके इज़राइल के साथ सामान्य राजनयिक संबंध हैं. ओमान इस श्रेणी में नहीं आता, इसलिए इज़राइली नागरिक उड्डयन प्राधिकरण अब फ्लाईदुबई की क्रू-नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर रहा है.

पाकिस्तानी पायलटों और भारतीय वायुक्षेत्र के नियम

भारत का रुख इस मामले में बिल्कुल अलग है और इसकी कानूनी भाषा बेहद महत्वपूर्ण है. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एयरस्पेस प्रतिबंध लगा रखा है, जिसके अनुसार

यह प्रतिबंध विमान और ऑपरेटर (एयरलाइन) पर लागू होता है, सीधे तौर पर किसी नागरिक या पायलट की राष्ट्रीयता पर नहीं. कोई भी पाकिस्तानी पंजीकृत विमान या पाकिस्तानी एयरलाइन भारत में प्रवेश नहीं कर सकती. इसलिए, पाकिस्तानी एयरलाइन के लिए काम करने वाला पाकिस्तानी पायलट भारत में विमान नहीं उड़ा सकता.

यदि कोई पाकिस्तानी नागरिक किसी विदेशी (जैसे UAE या यूरोपीय) एयरलाइन में काम करता है, और वह विमान पाकिस्तान में रजिस्टर्ड नहीं है, तो एयरस्पेस NOTAM (Notice to Airmen) के तहत उस विमान को सिर्फ इसलिए नहीं रोका जा सकता क्योंकि उसका एक पायलट पाकिस्तानी है.

इमिग्रेशन और सुरक्षा मंजूरी का पेच

भले ही वायुक्षेत्र का नियम किसी विदेशी एयरलाइन के पाकिस्तानी पायलट को सीधे तौर पर न रोके, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उसे भारत में उड़ान की स्वतः अनुमति मिल जाती है.

भारत में लैंडिंग या क्रू के रूप में प्रवेश करने के लिए सख्त इमिग्रेशन, वीजा, और सुरक्षा क्लीयरेंस की आवश्यकता होती है: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों पर अतिरिक्त सख्त पाबंदियां लगाईं. 24 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गईं और मौजूदा वीजा रद्द कर दिए गए.

भले ही कोई विमान विदेशी एयरलाइन का हो, लेकिन भारत में उतरने वाले या भारतीय सीमा में उड़ान भरने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रू के लिए अलग से इमिग्रेशन और क्रू-एंट्री क्लीयरेंस लेना अनिवार्य होता है.

तकनीकी रूप से एयरस्पेस प्रतिबंध किसी विदेशी एयरलाइन के पाकिस्तानी पायलट को भारतीय वायुक्षेत्र से गुजरने से नहीं रोकता. लेकिन व्यावहारिक और कानूनी रूप से, भारत के कड़े इमिग्रेशन, वीजा और सुरक्षा क्लीयरेंस नियमों के कारण किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के लिए भारतीय वायुक्षेत्र में विमान उड़ाना या क्रू के रूप में भारत में प्रवेश करना लगभग असंभव है.