Women Reservation Bill 2026: वर्तमान में बजट सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार ने मंगलवार को सांसदों के साथ संविधान में 131वां सशोधन करते हुए विधेयक मसौदा 2026 साझा किया है. अब इसी मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Parliamentary Affairs) के वर्तमान कैबिनेट मंत्री किरेन रिजिजू ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने विस्तार से नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन पर चर्चा की. इसके अलावा उन्होंने विपक्ष की तरफ से की जारी आलोचना पर भी अपनी बात रखी.
नारि शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन पर क्या बोले रिजिजू ?
किरेन रिजिजू ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल किसी भी तरह के राजनीतिक उद्देश्य से लाया गया बिल नहीं है. महिलाओं को आरक्षण तो देना ही था न. कब तक टालते रहते. विपक्ष इसका विरोध करने की गलती न करे, वरना पूरा शरीर काले रंग में रंग जाएगा. किसी को मुंह नहीं दिखा पाएंगे.
रिजिजू ने कहा कि ये बिल्कुल गलत आरोप हैं, कि चुनाव के दौरान महिलाओं को रिझाने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है. क्योंकि देश में लगातार चुनाव होते रहते हैं. अभी नहीं करते तो पांच महीने बाद फिर किसी राज्य का चुनाव होता. फिर आगे कहते कि लोकसभा में फायदे के लिए कर रहे हैं.
जनगणना के मुद्दे पर क्या बोले रिजिजू?
इसके अलावा रिजिजू से पूछा कि 2027 तक जनगणना का इंतजार क्यों नहीं किया? ओबीसी को भी क्यों नहीं शामिल किया? इस पर उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे मुद्दों में पड़ने में अभी मतलब नहीं है. मुख्य मुद्दा है कि महिलाओं को आरक्षण देना. वो मोदी जी कर रहे हैं. सरकार चाहती है कि सभी पार्टियां मिलकर इसका समर्थन करें. इसका विरोध करने की गलती कोई न करे.
जनता ने मोदी जी को चुना है, फैसला भी वही करेंगे: रिजिजू
इसके अलावा उन्होंने सोनिया गांधी की तरफ से दी गई प्रतिक्रिया पर कहा कि जनता ने मोदी जी को चुना है. फैसला मोदी जी करेंगे, विपक्ष नहीं. देश में कांग्रेस की सरकार नहीं है. बीजेपी की है.
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