नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 250 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के एटा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने लाखों माता-पिता की आंखें नम कर दी हैं. सुबह में जब कंपकंपा देने वाली ठंड थी, भारी कोहरा था, बच्चे अपने मां के कलेजे से लगे थे. स्कूल की ज़िद की वजह से घर से निकले और 13 बच्चे जिंदगी को समझने से पहले ही जिंदगी खो बैठे.
अब तक की रिपोर्ट से पता चला है कि कोहरे और सर्दी की वजह से प्रशासन ने स्कूल बंद कर रखा था, लेकिन स्कूल प्रशासन ने अपनी जिद पर स्कूल खोल रखा था और इस तरह हादसे में 13 बच्चों की जान चली गई और अनेक बच्चे अभी मौत से जंग लड़ रहे हैं. आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ सकती है. शुरुआती जांच से पता चला है कि ये हादसा कोहरे की वजह से हुआ है.
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जब स्कूल अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हों तो ऐसे में बतौर अभिभावक आपकी भी जिम्मेदारी बनती है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके. आपके प्यारे की जान की हिफाजत हो सके.
आइए आपको बताते हैं कि अगर आपके बच्चे स्कूल जाते हैं और बस से जाते हैं तो बतौर अभिभावक आपको क्या करना चाहिए-
- अपने बच्चे से स्कूल बस के बारे में अक्सर पूछते रहना चाहिए.
- बस की रफ्तार क्या रहती है, कैसे बस चलाई जाती है ? उसके बारे में जरूर पूछें और कुछ दिनों पर बार-बार पूछें.
- स्कूल प्रशासन से या ड्राइवर से ये जरूर पता लगाएं कि बस में स्पीड गवर्नर लगा है या नहीं.
- बस में जो सहायक है उसका बर्ताव बच्चों के साथ कैसा रहता है, इसके बारे में भी बच्चों से जरूर पूछें.
- बस का रखरखाव कैसा है, बस कहीं से डैमेज तो नहीं है ? इसके बारे में आप खुद ही जांचें.
- अगर बच्चा काफी छोटा हो तो सारी चीजें खुद ही पता लगाएं, बड़े बच्चों से बस के सहायक, स्पीड के बारे में पता लगाएं या खुद कभी बस स्पीड चेक कर लें.