ED ने तमिलनाडु में करीब 400 करोड़ रुपये की कथित पोंजी स्कीम और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 जून को चेन्नई, इरोड, कोयंबटूर और कृष्णागिरी जिलों में आठ व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की.  कार्रवाई के तहत की गई. ED ने ये जांच तमिलनाडु और कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज अलग अलग एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. जांच के दौरान सामने आया कि एस. नवीन कुमार ने अपने सहयोगियों जीवालता, के. प्रभु, के. मथन कुमार, मुथुसेल्वम, जे. फ्रैंकलिन और अन्य लोगों के साथ मिलकर M/s Unique Exports के नाम पर एक बड़े निवेश घोटाले को अंजाम दिया.

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ED के मुताबिक आरोपियों ने लोगों को कृषि उत्पादों, विशेष रूप से प्याज, आलू और अन्य वस्तुओं के निर्यात कारोबार में निवेश करने का लालच दिया. निवेशकों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी रकम कुछ ही समय में दोगुनी-तिगुनी हो जाएगी और 200 प्रतिशत से अधिक का मुनाफा मिलेगा. निवेशकों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को योजना से जोड़ने पर अतिरिक्त कमीशन देने का भी वादा किया जाता था. इस लालच में आकर सैकड़ों लोगों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी इस स्कीम में लगा दी.

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निवेश का झासा शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान कर विश्वास पैदा किया गया. जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए गए. निवेशकों को ना तो वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस की गई. ED की जांच में ये भी पता चला कि आरोपियों ने पैसों के लेन-देन को छिपाने और जांच एजेंसियों से बचने के लिए कई कंपनियां और फर्में बनाई थी. इनमें M/s Unique Exports, M/s East Valley Agro Farms, M/s Unique Rubber Industries, M/s Unique International Group, M/s Sara Exports, M/s Indo Russian Rare Earth Metals और M/s Indo Russian Business Associates जैसी संस्थाएं शामिल है. इन कंपनियों के नाम पर कई बैंक खाते खोले गए, जिनमें निवेशकों से प्राप्त रकम जमा कराई जाती थी.बाद में इन पैसों को अलग-अलग खातों और संस्थाओं के माध्यम से घुमाकर उनकी असली स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई.

400 करोड़ की ठगीED के मुताबिक आरोपियों ने आम लोगों से लगभग 400 करोड़ रुपये की राशि धोखाधड़ी से जुटाई. जांच में ये भी सामने आया कि घोटाले से हासिल रकम का बड़ा हिस्सा अचल संपत्तियां खरीदने, फिक्स्ड डिपॉजिट कराने, विदेशों में वित्तीय लेन-देन करने तथा सहयोगी व्यक्तियों और संबंधित कंपनियों को ट्रांसफर करने में इस्तेमाल किया गया. यानी निवेशकों की रकम को विभिन्न माध्यमों से खपाकर उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई. 

छापें मे खुलासाछापेमारी के दौरान ED अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल और कागजात बरामद किए है. एजेंसी ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए है. इसके अलावा पोंजी स्कीम के संचालन, बैंकिंग लेन-देन और संपत्ति निवेश से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए है.कार्रवाई के दौरान दो लग्जरी वाहनों को भी जब्त किया गया है.जिनके बारे में आशंका है कि उन्हें अपराध से अर्जित धन से खरीदा गया था.  जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि घोटाले के पूरे नेटवर्क, पैसों के प्रवाह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके. ED का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते है. यह भी पढ़ें : जहांगीर खान के लिए थाने पर हमला करने वालों को सीएम शुभेंदु की चेतावनी- न सिर्फ जेल होगी, संपत्ति की भी नीलामी...