पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर पहुंची. ED की चार टीमें चार गाड़ियों में पहुंचीं और शिक्षक भर्ती घोटाला तथा कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 15 जून को पूछताछ के लिए समन देने की कोशिश की.

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हालांकि एजेंसी अभिषेक बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से नोटिस नहीं दे सकी क्योंकि वह उस समय मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के आवास पर एक बैठक में मौजूद थे. इससे पहले भी ED ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पेश होने में असमर्थता जताई थी.

सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले और कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. इससे पहले भी ED ने उन्हें तलब किया था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेश होने में असमर्थता जताई थी.

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बड़ी टूट देखने को मिल रही है.

ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ बागी 58 टीएमसी MLA को स्पीकर की मंजूरी

पार्टी से निकाले गए विधायक Ritabrata Banerjee समेत 58 बागी नेताओं को विधानसभा स्पीकर की मंजूरी मिल गई है. ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि वह पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता की भूमिका निभाएंगे. राजनीतिक संकट के बीच टीएमसी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए संसदीय दल को छोड़कर पार्टी की सभी समितियों को भंग कर दिया है. माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व अब संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी में जुटा है.

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