मंत्री पर पड़ी ED रेड तो भड़के CM डीके शिवकुमार, गिना दिए 3 नेताओं के नाम
कर्नाटक में पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली, उनकी बेटी एवं सांसद प्रियंका जारकीहोली और अन्य लोगों से जुड़े करीब 18 परिसरों पर ED की छापेमारी को लेकर CM डीके शिवकुमार ने भाजपा पर तीखा हमला बोला.

कर्नाटक में मंत्री सतीश जारकीहोली और उनसे जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और कहा कि सरकार के 100 दिन पूरे होने से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई के लिए समय का राजनीतिक फायदा उठाया जा रहा है. शिवकुमार ने कहा कि ईडी चाहे उनके कितने भी लोगों के खिलाफ छापेमारी करे, कांग्रेस इससे घबराने वाली नहीं है.
‘सतीश जारकीहोली पर ईडी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित’
ईडी की कई स्थानों पर चल रही छापेमारी पर डीके शिवकुमार ने कहा कि सतीश जारकीहोली के खिलाफ आज की गई कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि बुधवार के बाद अगले दिन सरकार के 100 दिन पूरे होने हैं और एजेंसियों की कार्रवाई के समय का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सतीश जारकीहोली के खिलाफ ईडी की कार्रवाई कोई ऐसी बात नहीं है, जिसकी जानकारी सरकार को पहले से नहीं थी. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उनके खिलाफ ईडी की छापेमारी हो चुकी है.
‘सतीश वरिष्ठ मंत्री हैं, कारोबार करते हैं, छिपाने के लिए कुछ नहीं’
डीके शिवकुमार ने कहा कि सतीश जारकीहोली एक वरिष्ठ मंत्री हैं और कारोबार तथा व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने सामाजिक सेवा से जुड़े काम भी किए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि छिपाने के लिए कुछ नहीं है और ईडी को जो भी जांच करनी है, वह कर सकती है. उन्होंने कहा कि सतीश जारकीहोली जांच में सहयोग करेंगे और जांच एजेंसी के सवालों का जवाब देंगे. शिवकुमार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात भी कही.
‘BJP एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग कर रही’
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक रूप से एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. शिवकुमार ने कहा कि इससे पहले बी. नागेंद्र के खिलाफ भी ईडी की छापेमारी की गई थी. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है. मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के निशाने पर कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे भी हैं और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के मुद्दे को लेकर उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है.
सतीश जारकीहोली और प्रियंका जारकीहोली के परिसरों पर छापेमारी
दरअसल, ईडी ने बुधवार को कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली, उनकी बेटी एवं सांसद प्रियंका जारकीहोली और कुछ अन्य लोगों से जुड़े परिसरों पर एक जांच के सिलसिले में छापेमारी की. अधिकारियों के अनुसार करीब 18 परिसरों की तलाशी ली जा रही है. इनमें 64 वर्षीय सतीश जारकीहोली का बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी इलाके में स्थित परिसर, उनकी सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली के परिसर और बेलगावी में उनके बहनोई वाई. डी. मंजूनाथ से जुड़े परिसर शामिल हैं. तलाशी अभियान में शामिल ईडी टीमों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की एक टुकड़ी भी तैनात की गई है. प्रियंका जारकीहोली 29 वर्ष की हैं और चिक्कोड़ी लोकसभा सीट से सांसद हैं.
फेमा के तहत नयी जांच, पुराने धनशोधन मामले से अलग
अधिकारियों ने बताया कि ईडी की यह कार्रवाई एक नयी जांच के सिलसिले में की जा रही है. यह जांच कथित तौर पर विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत की जा रही है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का आबकारी अधिकारी मंजूनाथ से जुड़े धनशोधन के एक मामले से कोई संबंध नहीं है. उस मामले की जांच पहले से चल रही है.
ईडी की कार्रवाई पर सतीश जारकीहोली परिवार या कांग्रेस पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. वहीं, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए भाजपा पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.





















