ED Action: ED का बड़ा एक्शन! दिल्ली से बंगाल तक 5 राज्यों में 13 ठिकानों पर ताबड़तोड़ रेड, विदेशी फंडिंग नेटवर्क की जांच तेज
ED Action: ED ने विदेशी फंडिंग और अवैध घुसपैठ से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा करते हुए दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और महाराष्ट्र में 13 ठिकानों पर छापेमारी की.

ED ने एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है, जो विदेशी चंदा Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) लेने वाले कुछ चैरिटेबल ट्रस्टों के जरिए कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ और उन्हें यहां बसाने का काम कर रहा था. इस मामले में गुरुवार को ED ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र के 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की.
ED के मुताबिक जांच में पता चला है कि ब्रिटेन स्थित कुछ संस्थाओं से FCRA के तहत विदेशी फंड इन ट्रस्टों को भेजा जाता था. इसके बाद ये पैसा अलग-अलग बैंक खातों और कई लेयर वाले लेन-देन के जरिए कथित तौर पर उन लोगों तक पहुंचाया जाता था, जिन्हें भारत में अवैध रूप से बसाया जा रहा था. जांच में ये भी सामने आया कि 6 हजार, 8 हजार और 10 हजार रुपये जैसी छोटी-छोटी रकम कई किश्तों में भेजी जाती थी, ताकि इन लोगों को भारत में रहने और अपनी जिंदगी शुरू करने में मदद मिल सके.
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ED ने क्या किया दावा?
ED का दावा है कि ये नेटवर्क सिर्फ घुसपैठ तक सीमित नहीं था. जांच में सामने आया कि गिरोह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे भारतीय दस्तावेज भी तैयार कराता था. इसके बाद उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजकर नौकरी, ई-रिक्शा या नकद सहायता देकर स्थायी रूप से बसाने की व्यवस्था की जाती थी. ED के मुताबिक पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में एक गिरोह अवैध घुसपैठ कराने का काम करता था.. जबकि दूसरा गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार करता था. इसके बाद इन लोगों को रोजगार और दूसरे कामों के लिए देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था. ये कार्रवाई उत्तर प्रदेश ATS की तरफ से दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई जांच के तहत की गई है. ED का कहना है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेशी फंड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किए जाने के सबूत मिले है.
छापेमारी के दौरान ED को क्या मिला?
छापेमारी के दौरान ED की टीम डिजिटल उपकरण, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है. साथ ही मामले से जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे है, जिन संस्थानों में तलाशी ली गई, उनमें दिल्ली के मदनपुर खादर स्थित सन शाइन हेल्थ एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी, पश्चिम बंगाल के कबीरबाग मिल्लत अकादमी और उत्तर प्रदेश के हरोड़ा अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम समेत कुछ अन्य संस्थान और संदिग्ध व्यक्ति शामिल है. ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते है.
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