ED-पुलिस पर ABP न्यूज़ के खुलासे पर BJP बोली, 'भगवंत मान इस्तीफा दें'
ED के तीन पत्रों के बावजूद पंजाब पुलिस द्वारा कथित तौर पर एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने का मामला सामने आने के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है.

पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट और ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें भ्रष्टाचार का पर्याय बताया है. भाटिया ने ED की ओर से हाईकोर्ट के सामने रखे गए तथ्यों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों और गोपनीय सूचनाओं से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर बिचौलियों तक पहुंच रही है.
उन्होंने इस पूरे मामले में अरविंद केजरीवाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए और भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की. ABP न्यूज़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, ED की ओर से भेजे गए तीन पत्रों के बावजूद पंजाब पुलिस ने कुछ नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की.
‘भगवंत मान भ्रष्टाचार के पर्याय बन गए हैं’
गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान भ्रष्टाचार के पर्याय बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अपनी ईमानदारी और मेहनत के लिए जानी जाती है, लेकिन उनके मुताबिक पंजाब की धरती को कथित तौर पर दलाली का प्रदेश बनाने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह बताना होगा कि क्या उनकी सरकार कथित भ्रष्टाचारियों और बिचौलियों को संरक्षण नहीं दे रही है.
ED रिपोर्ट में कथित ‘रेट कार्ड’ का दावा
भाटिया ने मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि ED की रिपोर्ट में कथित तौर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा ‘रेट कार्ड’ सामने आया है. उन्होंने दावा किया कि इसमें अलग-अलग विभागों में किस तरह की पोस्टिंग होगी, उससे संबंधित जानकारी होने की बात सामने आई है.
उन्होंने सवाल उठाया कि इस कथित नेटवर्क का ‘किंगपिन’ अरविंद केजरीवाल हैं या फिर भगवंत मान. भाटिया ने आरोप लगाया कि जिस तरह का मॉडल दिल्ली में अपनाए जाने का वह दावा करते हैं, उसी मॉडल को पंजाब में लागू किया जा रहा है और कथित बिचौलियों को खुली छूट मिली हुई है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है.
‘भविष्य की सरकारी नीतियों की जानकारी दलालों के फोन में’
गौरव भाटिया ने कहा कि ED ने हाईकोर्ट के सामने जो तथ्य रखे हैं, उनमें सरकारी नीतियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का कथित तौर पर बिचौलियों तक पहुंचना गंभीर सवाल खड़ा करता है. उनके मुताबिक, भविष्य में लागू होने वाली सरकारी नीतियों से संबंधित जानकारी कथित तौर पर दलालों के फोन में मिली है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच गोपनीय जानकारियों का आदान-प्रदान होता है, लेकिन ऐसी सूचनाएं कथित तौर पर बिचौलियों तक पहुंच रही हैं. भाटिया ने इसे सरकारी व्यवस्था और गोपनीयता से जुड़ा गंभीर मामला बताया.
‘ED ने पंजाब पुलिस से FIR के लिए कहा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई’
बीजेपी नेता ने दावा किया कि ED ने पंजाब पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. उन्होंने इसी आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगते हुए पूछा कि क्या उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों और कथित बिचौलियों को संरक्षण दे रही है.
भाटिया ने कहा कि इस मामले में भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल दोनों को जवाब देना होगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब यह स्पष्ट होना चाहिए कि कथित नेटवर्क का जिम्मेदार कौन है.
भगवंत मान के इस्तीफे की मांग
गौरव भाटिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के तत्काल इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के आरोपों के बीच कोई मुख्यमंत्री पद पर बना रहता है तो जनता की कमाई के गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब भगवंत मान अपने पद से इस्तीफा दें और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए.
भ्रष्टाचार को लेकर PIL, हाईकोर्ट में सुनवाई
भाटिया ने यह भी कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिसे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने बताया कि मामले में अगली सुनवाई अगले दिन होनी है.
अब हाईकोर्ट में ED की ओर से पेश किए गए तथ्यों, कथित लेनदेन और आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर है. वहीं, बीजेपी के हमले के बाद पंजाब की सियासत में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.
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