देश की जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के लखनऊ जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई PMLA 2022 के तहत की है. जांच एजेंसी ने सोमवार यानी 20 जुलाई को 25.44 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है. 

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कार्रवाई यूपी के हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी के जरिए चल रही फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक दस्तावेजों के रैकेट के सिलसिले में की गई है. अटैच संपत्ति में एक फार्महाउस, कई फ्लैट और गाड़ियां शामिल है. यह आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर थीं. 

पिछले साल अगस्त में यूपी STF ने दर्ज की थी FIR

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ED ने यूपी एसटीएफ की तरफ से दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी. एसटीएफ ने मोनाड यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य फेक डॉक्यूमेंट बनाने, और बेचने, साथ ही उनका सत्यापन करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था. जांच के बाद एसटीएफ ने 11 अगस्त 2025 को BNS की कई धाराओं के तहत 11 आरोपियों को खिलाफ चार्जशीट भी दायर की थी.  

करीबन 37 करोड़ की आपराधिक आय जुटाई

जांच में सामने आया है कि मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा ने संदीप सहरावत और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी के नाम पर संसाधनों का दुरपयोग किया. उन्होंने यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी और जाली मार्कशीट, डिग्री, कैरेक्टर सर्टिफिकेट बनाने और बेचने साथ ही स्टूडेंट के रिकॉर्ड का सत्यापन करने जैसे काम किए. आरोप है कि यह सभी कुछ पैसे लेकर किया जाता था. इस तरह से आरोपियों ने करीबन 37.66 करोड़ रुपए की आपराधिक आय जुटाई. इस आय का बड़ा हिस्सा नकद में हासिल किया गया था. बाद में आरोपियों ने उसे खर्च कर दिया या ठिकाने लगा दिया. इसका ज्यादातर हिस्सा आरोपियों के बैंक अकाउंट में पाया गया है. 

इस दौरान 17 जगह पर छापेमार कार्रवाई की गई. इसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए. साथ ही फर्जी मार्कशीट, फर्जी डिग्रियां और फर्जी मार्कशीट के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन शामिल हैं.