गोवा में कथित प्रॉपर्टी घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6.27 करोड़ रुपये की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है. ईडी की पनजी जोनल ऑफिस के अनुसार, यह जांच एस्टेवान डी’सूजा, मोसेस फर्नांडिस और मोहम्मद सुहैल समेत अन्य लोगों के खिलाफ चल रही है.

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एजेंसी ने यह जांच गोवा पुलिस की ओर से पोरवोरिम थाने और आर्थिक अपराध शाखा (EOC) में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. इन एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और किसी और की पहचान का इस्तेमाल करने जैसे आरोप लगाए गए हैं.

ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

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जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपस में साजिश रचकर गोवा की कई कीमती जमीन और मकानों पर कब्जा कर लिया. इसके लिए उन्होंने असली मालिक बनकर नकली दस्तावेज तैयार किए. फर्जी सेल डीड, नकली पहचान पत्र और जाली पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए प्रॉपर्टी अपने नाम या परिवार के लोगों के नाम कर ली.

इतना ही नहीं, आरोपियों ने इन प्रॉपर्टी को असली बताकर खरीदारों से भी पैसे लिए और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिक्री के समझौते कर दिए.

मामले में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

इससे पहले भी ED इस मामले में 11.82 करोड़ रुपये और 60.05 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है. ऐसे में इस मामले की अब तक कार्रवाई में कुल 78.14 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया जा चुका है. इन संपत्तियों को आरोपियों ने अपने और अपने परिवार के नाम पर खरीदा था. इन अटैचमेंट को PMLA के तहत एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भी मंजूरी दे दी है.

ED ने इस मामले में एस्टेवान डी’सूजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष PMLA कोर्ट, गोवा में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल कर दी है. अदालत ने इस शिकायत का संज्ञान ले लिया है और फिलहाल मामले की सुनवाई चल रही है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए तीन और संपत्तियों को अपने परिवार के नाम पर म्यूटेट करा लिया था. इन्हीं संपत्तियों को अब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अटैच किया है.