दून जमीन फर्जीवाड़ा: मुख्य आरोपी नवीन मित्तल पांच दिन की ED हिरासत में
ED की जांच उत्तराखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई FIR के बेस पर शुरू हुई थी. इन मामलों में देहरादून में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की धोखाधड़ीपूर्ण बिक्री के आरोप हैं.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में फर्जी दस्तावेजों और भूमि रिकॉर्ड में हेराफेरी कर जमीन बेचने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के देहरादून कार्यालय ने जमीन धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपी नवीन कुमार मित्तल को तीन सितंबर को गिरफ्तार किया. PMLA के तहत गिरफ्तार किए गए मित्तल को विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे पांच दिन की ED हिरासत में भेज दिया.
फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने का आरोप
ED की जांच उत्तराखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुई थी. इन मामलों में देहरादून में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की धोखाधड़ीपूर्ण बिक्री के आरोप हैं. पुलिस ने दो FIR में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें नवीन कुमार मित्तल को मुख्य आरोपी और कथित तौर पर धोखाधड़ी का प्रमुख लाभार्थी बताया गया है.
3.24 करोड़ की रकम जांच के घेरे में
ED के मुताबिक, मित्तल ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने सह-आरोपियों को जमीन का वास्तविक मालिक दिखाया और इसके बाद जमीन निर्दोष खरीदारों को बेच दी. इन सौदों से मिली करीब 3.24 करोड़ की रकम को अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) माना जा रहा है.
जांच में सामने आया कि बिक्री से मिली रकम सह-आरोपी के नाम खोले गए बैंक खाते में जमा हुई और बाद में मित्तल के नियंत्रण वाली संस्थाओं को ट्रांसफर कर दी गई. CFSL की ओर से मूल बैंक रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि उक्त बैंक खाता वास्तव में नवीन मित्तल ही संचालित कर रहा था.
समन के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ
ED का आरोप है कि बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद मित्तल जांच में शामिल नहीं हुआ. एजेंसी के मुताबिक उसने गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की और अपने रिश्तेदारों को भी जांच एजेंसी के समक्ष बयान देने से रोकने का प्रयास किया. आरोप है कि कथित तौर पर संदिग्ध लेन-देन को वास्तविक दिखाने के लिए नए दस्तावेज भी तैयार किए गए.
अगस्त में ED की छापेमारी, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त
ED ने अगस्त 2026 में मित्तल से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था. इस दौरान एजेंसी ने कथित तौर पर कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए. जांच में मित्तल की अन्य भूमि धोखाधड़ी में कथित भूमिका के संकेत भी सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल जारी है.
पहले तीन आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुकी शिकायत
इस मामले में ED पहले ही हुमायूं परवेज, मोहम्मद वकील और मुकेश कुमार गुप्ता के खिलाफ देहरादून की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है.
पहली बार बंगाल में अष्टमी के दिन बंद रहेगी शराब, शुभेंदु सरकार का ऐलान
जमीन के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े पर ED की नजर
ED के अनुसार, फर्जी राजस्व रिकॉर्ड और जाली टाइटल दस्तावेजों के जरिए जमीन की धोखाधड़ी उत्तराखंड में गंभीर आर्थिक अपराध के रूप में सामने आई है. एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि धोखाधड़ी से हासिल रकम को किस तरह खपाया गया और इससे जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों की क्या भूमिका है. मामले में आगे की जांच जारी है.
मां दुर्गा के 11 हाथ पर बवाल, बंगाल विज्ञापन पर भड़की TMC बोली…




















