पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के बाद होने वाली हिंसा को लेकर चुनाव आयोग (ECI) सख्त हो गया है. आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य में चुनाव के बाद होने वाली किसी भी तरह की हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए.

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चुनाव आयोग की तरफ से यह निर्देश तब आया जब राज्य में 15 सालों से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सरकार के जाने के बाद पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसा की खबरें सामने आई हैं. पिछले 24 घंटों में कम से कम चार लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में पोस्ट पोल वायलेंस में हो चुकी है. इसमें राज्य के उत्तर परगना जिले के न्यू टाउन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो कर्मचारियों की मौत हो गई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि कोलकाता के बेलेघाटा में और बीरभूम जिले के ननूर में उसके दो पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है.

चुनाव के नतीजे आने के बाद कई जगह हिंसा की घटनाएं

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पश्चिम बंगाल में सोमवार (4 मई, 2026) को दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आए. नतीजों में 15 सालों के राज्य में सरकार चलाने वाली सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस बुरी तरह से चुनाव हार गई, जबकि दूसरी तरफ विपक्षी में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल की 294 में से 206 सीटों पर प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की. चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद सोमवार (4 मई) की शाम से पूरे राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामनें आई हैं, जिसमें दोनों पार्टियों एक-दूसरे पर आरोप लगा रही है.

कार्यकर्ताओं की हत्या पर बोले भाजपा प्रवक्ता

भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने मंगलवार (5 मई) को कहा, ‘अब तक मिली जानकारी के अनुसार हमारे दो पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है. बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की न्यू टाउन में पार्टी की जीत की रैली में शामिल होकर घर लौटते समय हत्या कर दी गई. जबकि हावड़ा के उदयनारायणपुर में बीजेपी कार्यकर्ता यादव बार की भी हत्या कर दी गई. उनकी पत्नी कृष्णा बार ने मीडिया को बताया कि उनके पति पर जय श्री राम के नारे लगाने और बीजेपी की जीत के बाद केसरिया रंगों के साथ जश्न मनाने के कारण हमला किया गया.’

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