सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम ने सोमवार को गंगटोक स्थित लोक भवन में राज्यपाल पद की शपथ ली. इस अवसर पर राज्य के कई अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे. दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं. राज्यपाल नियुक्त किए जाने से पहले वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और हरियाणा से राज्यसभा सांसद भी रहे हैं.
उन्हें सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने शपथ दिलाई. इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, कैबिनेट मंत्री और राज्य के विधायक मौजूद रहे.
दुष्यंत गौतम का राजनीतिक सफर
दुष्यंत गौतम ने 1997 से लेकर 2002 तक दिल्ली की स्थानीय राजनीति में नगर पार्षद के रूप में काम किया है. यह उनके राजनीतिक करियर का शुरुआती महत्वपूर्ण पड़ाव था. 2000 के बाद उन्होंने भाजपा में संगठन से जुड़े काम किए. वे पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा से भी जुड़े रहे और दलित समुदाय से जुड़े मुद्दों पर काम किया. आगे चलकर उन्हें पार्टी में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियां मिलीं. हाल ही में उन्होंने उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन विधानसभा तक नहीं पहुंच सके. मार्च 2020 में वे हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुने गए. उनका कार्यकाल अगस्त 2022 तक रहा.
अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला
दुष्यंत कुमार गौतम का नाम उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवाद में सामने आया है. इसकी वजह से अंकिता के परिवार ने गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि मामले में कथित VIP कनेक्शन की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति रोक अपील की गई थी. उनकी नियुक्ति के बाद अंकिता भंडारी के परिवार और कांग्रेस नेताओं ने मामले की जांच को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं.
