नई दिल्ली: बड़ी उपलब्धी और बड़ा मुकाम किसी उम्र की मोहताज नहीं होती. यह बात सच कर दिखाया है चेन्नई के रहने वाले 15 वर्षीय करीम नाम के छात्र ने. स्ट्रीट लाइट को स्मार्ट बनाने की अपनी परियोजना के लिए करीम ने गूगल विज्ञान मेले की वैश्विक प्रतियोगिता के शीर्ष 100 लोगों के साथ फाइनल में जगह बनाई है. करीम दुबई में रहता है.

‘द गल्फ न्यूज’ ने शनिवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि दुबई के इंडियन हाई स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र शामिल करीम को ‘गूगल साइंस फेयर ग्लोबल कॉन्टेस्ट’ के लिए चुना गया. इस प्रतियोगिता के लिए आई हजारों प्रविष्टियों में से शामिल का चयन किया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, शामिल ने अपनी परियोजना के जरिए बताया कि यदि कोई कार या व्यक्ति किसी रास्ते से गुजर रहा है तो उसके आगे के रास्ते पर रोशनी खुद ही तेज हो जाती है और उसके पीछे की रोशनी खुद ही मद्धिम पड़ जाती है, जिससे बिजली की बचत होती है. शामिल ने महंगे इंफ्रारेड आधारित मोशन डिटेक्टरों का इस्तेमाल करने की बजाय फोटो-रेजिस्टरों का इस्तेमाल किया ताकि गुजरती हुई कारों या लोगों की परछाई का पता चल सके.

मूल रूप से चेन्नई का रहने वाला 15 वर्षीय करीम कंप्यूटर से लगाव रखता है. उसने कहा कि उसके पिता ऊर्जा की बचत के समाधान के लिए उसकी प्रेरणा हैं. उसने गल्फ न्यूज को कहा, “हम एक पार्क में देर रात को बैठे थे और वहां सारी लाइटें जल रही थी. मेरे पिता ने कहा, क्या हम इसके लिए कुछ नहीं कर सकते हैं? इसके बाद मैंने निर्णय किया कि स्ट्रीट लाइट को स्मार्ट बनाऊंगा और इसके लिए परियोजना तैयार करुंगा.”

बता दें कि अब विजोताओं की अंतिम सूची में दुनिया भर से चयनित 20 प्रतियोगियों के नामों की घोषणा इस महीने की जाएगी.

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