नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच एक हफ्ते से ज्यादा बीत जाने के बाद अभी तक नकाबपोश बाहरी बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है. जेएनयू के मेन गेट पर रखे रजिस्टर से भी पुलिस को कुछ खास मदद नहीं मिल पा रही है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया. साथ ही नकाबपोश बाहरी बसों में बैठकर आये. सूत्रों के मुताबिक जेएनयू के अंदर रूट नंबर 615 की बस जाती है जो पूर्वांचल होस्टल तक जाती है.

रूट नंबर 615 की सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी क्राइम ब्रांच

सूत्रों के मुताबिक बस में लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को कैंपस में घुसने वाले बाहरी लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है. बसों में लगे सीसीटीवी कैमरे से पता लग जाएगा कि उस दिन दोपहर में कौन-कौन डीटीसी बस में बैठकर जेएनयू के अंदर दाखिल हुए और कैंपस के अंदर उतरे. बता दें कि जेएनयू कैंपस के सर्वर को पहले ही कुछ छात्रों ने डैमेज कर दिया था जिससे कैंपस के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस को नहीं मिल पाई है.

पुलिस के मुताबिक जेएनयू कैंपस के मेन गेट पर रखे रजिस्टर से भी कुछ खास सुराग हासिल नहीं हो पाए हैं. पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड भी नकाबपोश बाहरी लोगों के घुसने की बात से इनकार कर रहे हैं. सूत्रों का यह भी कहना है कैंपस के अंदर दाखिल होने वाली बसों की भी जांच नहीं की जाती है. यही वजह है की डीटीसी बस में बैठकर जेएनयू कैंपस के अंदर नकाबपोश आसानी से दाखिल हो सकते हैं.

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