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इधर ट्रंप ने जताई हत्या की आशंका, उधर मुज्तबा खामेनेई का आया बड़ा बयान, बोले - 'खून का बदला...'

उन्होंने लिखा कि दुनिया भर में सच्चाई की तलाश करने वाले नेता शहीद इमाम सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन के बाद इमाम सैयद मुज्तबा खामेनेई का अहम संदेश.

ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहते हैं. उन्होंने पिछले कुछ घंटों में एक के बाद एक कई पोस्ट जारी किए हैं. जिससे अमेरिका, इजरायल से ईरान का तनाव फिर बढ़ सकता है. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के आखिरी वक्त में दोनों देशों के बीच मिसाइल हमले हुए थे. उसके बाद इन हमलों में कमी तो आई, लेकिन तनाव बरकरार है. मुज्तबा खामेनेई ने पोस्ट में लिखा है कि हमारा देश हुसैन (उन्हें शांति मिले) के खून का बदला लेना चाहता है. 

सिलसिलेवार तरीके से पढ़ें मुज्तबा ने अपने हालिया बयानों में क्या कहा है? 
मुज्तबा के बयान की टोन बदले की आग में धधकती हुई नजर आ रही है. उन्होंने लिखा कि दुनिया भर में सच्चाई की तलाश करने वाले नेता शहीद इमाम सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन के बाद इमाम सैयद मुज्तबा खामेनेई का अहम संदेश. इमाम हुसैन, जिन्होंने इमाम जिनकी क्रांति की जीवन दायनी पुकार ने पैगंबर के मिशन की जबरदस्त और गूंजती हुई आवाज को इतिहास की गहराइयों तक पहुंचाया. आखिरकार ईरान की इस्लामी क्रांति को जन्म दिया. ईरान की इस्लामी क्रांति मूल रूप से हुसैनी थी. जो इमाम हुसैन के नारों और सिद्धांतों पर बनी और फली फूली थी. 

ईरान के शहीद नेता भी इन्हीं सिद्धांतो के साये में पले बढ़े थे. शहीद खामेनेई का चरित्र हुसैनी था. उनकी सोच हुसैन जैसी थी. शहीद खामेनेई ने हुसैन की तरह काम किया. इमाम हुसैन की तरह ही जिहाज और प्रतिरोध में हिस्सा लिया. शहीद खामेनेई ने इमाम हुसैन के आदर्शों के अनुसार जीवन जिया. हुसैन की विचारधारा के रास्ते पर अपना खून बहाया. शहादत पाई. हुसैन के मानने वालों में ऐसे लोग भी हैं, जिनका खून अब उनके रास्ते और विचारधारा और आदर्शों के अन्यायपूर्ण तरीके से बहाया जाता है, तो वह मुस्लिम समुदाय को कार्रवाई के लिए प्रेरित करता है. ताकि उनका आशूरा से और उनकी जगह कर्बला से जुड़ जाए. 

उन्होंने कहा कि यह वह जीवन देने वाली पुकार है. जो इमाम हुसैन की बेगुनाही और उनकी इस आवाज को दोहराती है कि क्या मेरी मदद के लिए कोई है? मुज्तबा ने कहा कि एक ऐसी गूंज, जो पूरे ईरान और उसके बाद इराक और अन्य देशों में फैलती है, और झूठ की नींव को हिला देती है. मैं ईरान, इराक, खासकर तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला, और मशहद के लाखों लोगों की अविश्वसनीय दुश्मनों को पस्त करने वाली और ऐतिहासिक उपस्थिति के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं.

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मुज्तबा ने कहा कि हमारा देश हुसैन के खून का बदला लेना चाहता है. सालों से ईरानी राष्ट्र ने हुसैन के रास्ते पर अपने बच्चों की कुर्बानी दी है. हुसैन और उनके रास्ते के दुश्मनों से लड़ाई लड़ी है.  आज वह उनके खून और हमारे समय में हुसैन जैसे लोगों के खून का बदला लेना चाहता है. हमारे शहीद नेता के प्रति हे अन्यायपूर्ण तरीके से मारे गए नेता! हे ईश्वर के नेक बंदे! हम आपकी विरासत की रक्षा करने, आपके दिखाए सीधे रास्ते पर मजबूती से चलने, रास्ते की किसी भी कठिनाई से न डरने और अपने दिलों को ईश्वरीय वादों और शुभ संदेशों से जोड़ने का संकल्प लेते हैं. जैसा कि आपने किया था.

कौन थे हजरत इमाम हुसैन? 
दरअसल, इमाम हुसैन के बलिदान को जुल्म के खिलाफ लड़ने, बहादुरी और सत्य की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. उनकी याद में हर साल मुहर्रम के महीने में दुनिया भर के मुसलमान शोक मनाते हैं. हजरत इमाम हुसैन की शहादत 10 अक्टूबर 680 ईस्वी को इराक के करबला में हुई थी. उन्होंने उमय्यद खलीफा यजीद के जुल्म और अलोकतांत्रिक शासन के समर्थन में खड़े होने इनकार कर दिया था. इसके बाद यजीद के हजारों की सेना उन्हें और उनके 72 साथियों को मार डाला था. पैगंबर मुहम्मद की मौत के बाद यजीद ने खुद को खलीफा घोषित कर दिया था. हुसैन से उसके नेतृत्व में शपथ लेने को कहा था. इमाम हुसैन ने इसे इस्लाम के खिलाफ माना था.

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नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.

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