'कुछ भी बोल देते हैं, कोई सबूत हो तो दें...', कांग्रेस के उदित राज ने डोनाल्ड ट्रंप को लताड़ा, क्या है पूरा मामला?
Donald Trump US China: व्हाइट हाउस से प्रसारित अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि 2020 के चुनावी चक्र के दौरान चीन ने अमेरिकी चुनावी डेटा से बड़ी छेड़छाड़ की.

कांग्रेस नेता उदित राज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "ट्रंप कुछ भी बोल देते हैं, कोई सबूत हो तो दें. ताका-झांकी तो सब करते हैं. अमेरिका तो सबकी करता है, चीन ने इनकी कर दी है. ग्लोबल लेवल पर ऐसी गतिविधियां सभी देश करते हैं." उन्होंने कहा कि बिना सबूत ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है.
उदित राज का कहना है कि केवल आरोप लगाने से बात नहीं बनती. अगर ट्रंप के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर देशों के बीच साइबर जासूसी और खुफिया गतिविधियां नई बात नहीं हैं. अमेरिका खुद भी लंबे समय से दूसरे देशों की निगरानी करता रहा है.
ट्रंप ने क्या दावा किया?
व्हाइट हाउस से प्रसारित अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि 2020 के चुनावी चक्र के दौरान चीन ने अमेरिकी चुनावी डेटा से बड़ी छेड़छाड़ की. उनके मुताबिक, इससे चीन को 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं की फाइलों तक अवैध पहुंच मिली. उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनावी व्यवस्था में गंभीर कमजोरियां हैं और अगर बदलाव नहीं किए गए तो भविष्य के चुनाव भी प्रभावित हो सकते हैं.
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि चुनावी सुरक्षा से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाएगा. साथ ही उन्होंने SAVE Act को जल्द पारित करने की मांग की, जिसके तहत मतदान के लिए पंजीकरण कराने वाले लोगों को अमेरिकी नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण देना होगा.
पुराने आरोप, लेकिन अब तक नहीं मिले सबूत
ट्रंप 2020 के चुनाव में हार के बाद लगातार चुनावी धांधली का आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि अमेरिकी अदालतों में उनके और उनके सहयोगियों की ओर से दायर 60 से अधिक मुकदमों में ऐसा कोई फैसला नहीं आया, जिससे चुनाव परिणाम बदलने लायक धोखाधड़ी साबित हुई हो. पुनर्गणना, ऑडिट और अमेरिकी न्याय विभाग की जांच में भी व्यापक चुनावी गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले.
चीन ने क्या बोला?
हालांकि ट्रंप के इस दावे पर चीन ने सख्त प्रतिक्रिया दी है. चीन ने साफ कहा कि वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता और अमेरिकी चुनाव पूरी तरह अमेरिका का आंतरिक मामला है.
ऐसे में ट्रंप के ताजा आरोपों ने एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में चुनावी सुरक्षा, चीन और साइबर हस्तक्षेप को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वहीं भारत में भी इस मुद्दे पर उदित राज की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि उन्होंने बिना सबूत आरोप लगाने के बजाय तथ्यों को सामने रखने की जरूरत पर जोर दिया.






















