नई दिल्ली: कोरोना के समय में मेट्रो का संचालन तमाम नियमों को ध्यान में रखते हुए शुरू कर दिया गया है. सोशल डिस्टेंसिंग के लिहाज़ से सीटिंग कैपेसिटी को भी सीमित रखा गया है. लेकिन पीक-ऑवर्स में मेट्रो में कई जगहों पर भीड़ देखने को मिल रही है.
जिसके चलते दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (DMRC) ने एक ऑनलाइन सर्वे कराने का फैसला किया है. इस सर्वे का मकसद यात्रियों के ट्रैवेल पैटर्न को समझना होगा. ताकि सुबह और शाम के समय जब भीड़ ज़्यादा होती है जिसे पीक-ऑवर्स कहते हैं, उस वक्त अतिरिक्त भीड़ होने से बचा जा सके.
DMRC के सोशल मीडिया पेज पर इस सर्वे के लिंक को आज से ही एक्टिव कर दिया गया है और 27 अक्टूबर, 2020 तक ये लिंक उपलब्ध रहेंगे. DMRC के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज के लिंक्स ये हैं-
https://facebook.com/officialdmrchttps://www.instagram.com/officialdmrc/ https://twitter.com/OfficialDMRC DMRC की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस सर्वे के ज़रिए मेट्रो यात्रियों से ऑफ पीक-ऑवर्स में यात्रा करने की उनकी सम्भावना के बारे में जानकारी इकठ्ठा की जाएगी. ये जानने की कोशिश होगी कि सुबह और शाम के पीक-ऑवर्स के अलावा यात्री बाकी समय में क्या अपनी यात्रा को प्लान कर सकते हैं ताकि अतिरिक्त भीड़ से बचा जा सके.सर्वे के सवालों को भी इसी तरह से डिज़ायन किया गया है जैसे- यात्रा का समय, किस लाइन का उपयोग करते हैं, नॉन-पीक-ऑवर्स में यात्रा करने की सम्भावना, क्या यात्री के पास वर्क फ्रॉम होम का विकल्प है आदि. DMRC का मानना है कि इस सर्वे से यात्रियों की ज़रूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जा सकें.
गौरतलब है कि अनलॉक 4 के दौरान 12 सितम्बर से सभी लाइन पर मेट्रो संचालन को पूरी तरह से शुरू कर दिया गया था लेकिन सीटिंग कैपेसिटी को सीमित कर दिया गया था. हालांकि मेट्रो के कुछ सेक्शन में पीक-ऑवर्स के दौरान सौ प्रतिशत ऑक्यूपेंसी देखने को मिलती है. इससे बचने के लिये DMRC ने यात्रियों से 'ब्रेक द पीक' के तहत अपने यात्रा को इस तरह से प्लान करने की अपील की है जिससे पीक-ऑवर्स के दौरान होने वाली भीड़ से बचा जा सके.
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