डॉग लवर पत्नी से तलाक के लिए कोर्ट पहुंचा पति, बोला- मैं यौन दुर्बलता का शिकार हो गया हूं, इसकी हरकतें....
याचिकाकर्ता पति का कहना है कि पत्नी आवारा कुत्ते घर में ले आई, फिर पति से उनका खाना बनवाया, सफाई और देखभाल भी करवाई, जबकि उनकी सोसाइटी में कुत्ते पालना प्रतिबंधित है.

एक शख्स ने गुजरात हाईकोर्ट में पत्नी की क्रूरता के आधार तलाक की याचिका दाखिल की है. उनका कहना है कि पत्नी के डॉग लव की वजह से स्थिति इतनी खराब हुई है. उन्होंने कहा कि पत्नी गली के आवारा कुत्तों को घर ले आई, याचिकाकर्ता से उनका खाना बनवाया और उनकी देखभाल भी करवाई. उन्होंने कहा कि इस शादी में उन्हें बार-बार अपमानित किया गया और उन्हें यौन दुर्बलता का भी सामना करना पड़ रहा है.
पति ने कहा कि उनकी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है और उन्होंने पत्नी को गुजारा भत्ता के तौर पर 15 लाख रुपये देने की पेशकश की. हालांकि, पत्नी ने दो करोड़ रुपये की मांग की है. कोर्ट इस मामले में 1 दिसंबर को सुनवाई करेगा.
याचिका के अनुसार शख्स की शादी 2006 में हुई थी, लेकिन दिक्कतें तब शुरू हुईं जब उनकी पत्नी आवारा कुत्ता घर ले आई, जबकि उनकी सोसाइटी में कुत्ता पालना प्रतिबंधित है. इसके बाद पत्नी और आवारा कुत्ते घर ले आई, जिनके लिए याचिकाकर्ता ने खाना बनाया और उनकी देखभाल भी की. याचिकाकर्ता का कहना है कि जब वह कुत्तों को उनके बिस्तर पर भेजने की कोशिश कर रहे थे तो एक कुत्ते ने उन्हें काट भी लिया.
याचिकाकर्ता ने कहा कि कुत्ते पालने का उनके पड़ोसियों ने विरोध किया और उनके खिलाफ साल 2008 में पुलिस में एक शिकायत भी दर्ज की गई. याचिकाकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी ने एक एनिमल राइट्स ग्रुप जॉइन कर लिया, जिसके बाद वह लोगों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाने लगीं. पति ने आरोप लगाया कि पत्नी बार-बार उन्हें मदद के लिए पुलिस स्टेशन बुलाती थी और जब उन्होंने इनकार किया तो उन्हें अपशब्द बोले और अपमानित किया गया.
पति ने यह भी आरोप लगाया कि 1 अप्रैल, 2007 को पत्नी ने प्रैंक कॉल करवाई और रेडियो जॉकी से मजाक करवाकर उनके अफेयर का झूठा दावा किया. उन्होंने कहा कि इस वाकिए की वजह से उन्हें अपने ऑफिस और समाज में शर्मिंदगी उठानी पड़ी. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी के कुत्तों के लिए प्रेम की वजह से उन्हें गंभीर नुकसान उठाने पड़े हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस वजह से वह न सिर्फ तनाव में आ गए बल्कि उनकी हेल्थ भी खराब हुई. पति का कहना है कि इस सब चीजों की वजह से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है, जिसका उनकी हेल्थ पर बुरा असर पड़ा और वह इरेक्टाइल डिसफंक्शन (यौन दुर्बलता) के भी शिकार हुए.
पति का कहना है कि वह इस तनाव की वजह से बेंगलुरु चले गए, लेकिन पत्नी वहां भी उन्हें फोन और सोशल मीडिया के जरिए परेशान करती रही. पति ने साल 2017 में तलाक के लिए अहमदाबाद फैमिली कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर पत्नी ने अपने बचाव में तर्क दिया कि याचिकाकर्ता ने उसे एनिमल लव की राह दिखाई और फिर उन्हें छोड़कर चला गया. पत्नी ने कोर्ट में ऐसी तस्वीरें भी पेश कीं, जिनमें पति खुद कुत्तों को प्रेम करता दिख रहा है.
फरवरी, 2024 में फैमिली कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और कहा, 'याचिकाकर्ता यह साबित करने में नाकामयाब रहे कि पत्नी ने उनके साथ क्रूरता की या वह उन्हें छोड़कर चली गई.' प्रैंक कॉल को लेकर कोर्ट ने कहा कि इसे तलाक का आधार नहीं माना जा सकता है.
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Source: IOCL























