मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम को अब विदेश से दान (Foreign Funds) लेने की सरकारी मंजूरी मिल गई है. यह मंजूरी भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) के तहत दी है. 

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इसका मतलब है कि अब बागेश्वर धाम से जुड़ी संस्था विदेश में रहने वाले लोगों से भी कानूनी तरीके से पैसे (दान) ले सकेगी. पहले ऐसा करने के लिए केंद्र सरकार की खास अनुमति जरूरी होती थी, जो अब धीरेंद्र शास्त्री की संस्था को मिल गई है.

किन क्षेत्रों में काम करता है बागेश्वर धामबता दें कि धीरेंद्र शास्त्री की देखरेख में काम करने वाली धार्मिक संस्था बागेश्वर धाम जन सेवा समिति ग्राम गड़ा जिला छतरपुर मध्य प्रदेश में स्थित है. ये संस्था धार्मिक कार्यों के अलावा सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में भी काम करती है. अब विदेश से मिलने वाले फंड का उपयोग इन सभी कामों को आगे बढ़ाने में किया जा सकेगा.

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बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर चर्चा में रहते हैं. उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ नजर आती है और उनके फॉलोवर्स सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मौजूद हैं. ऐसे में ये मंजूरी उनकी संस्था को दुनियाभर से चंदा जुटाने में बड़ी मददगार साबित होगी.

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क्या है FCRA दरअसल, इस मंजूरी के साथ कुछ जरूरी नियम भी जुड़े होते हैं. बता दें कि FCRA के तहत जो भी संस्था विदेशों से पैसा लेती है, उसे पूरा हिसाब किताब रखना होता है. मतलब ये कि पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, इसकी सारी जानकारी सरकार को देनी होती है. साथ ही एक तय बैंक खाते के जरिए ही यह लेन-देन करना होता है और समय-समय पर रिपोर्ट भी जमा करनी पड़ती है.

संस्था को सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होता है. इस फैसले से बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा. यह संस्था दान के जरिए मिलने वाले फंड से शिक्षा, सेवा और अन्य योजनाओं पर भी काम करती है.

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