Women Reservation Bill: लोकसभा में शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को नारी वंदन अधिनियम 2023 यानी महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो सका. इसके बाद से देश में सियासी माहौल गरमा गया है. इस मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को सबसे ज्यादा तकलीफ नारी शक्ति को मिलने वाले अधिकारों से हैं.

Continues below advertisement

उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को महिलाओं को नारी शक्ति को मिलने वाले हक से सबसे ज्यादा दिक्कत है. विपक्ष ने परिसीमन जैसे मुद्दों की आड़ लेकर असल मुद्दों से बचने की कोशिश कर रहा है. संसद में इस विधेयक का विरोध करके कांग्रेस और पूरे विपक्ष ने एक बार फिर से अपनी मानसिकता को देश के सामने उजागर कर दी है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. राहुल गांधी महिला, ओबीसी, और उत्तर-दक्षिण के नाम पर देश को बांटने की राजनीति करते हैं.

पूरे देश ने आज विपक्ष का पाखंड देखाः CM फडणवीस

Continues below advertisement

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि आज पूरे देश ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष का पाखंड देख लिया. यह बेहद शर्मनाक है. उनके पास हमारी नारी शक्ति के साथ खड़े होने का ऐतिहासिक मौका था, लेकिन वे इसमें हार गए. उनके लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ भाषणों और नारों तक ही सीमित है. उन्होंने प्रगति की जगह हमेशा राजनीति को चुना.

उन्होंने कहा कि भारत की महिलाओं ने आज पूरी तरह से देख लिया है और वे इसे कभी नहीं भूलेंगी, लेकिन हमारे लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं है. यह एक प्रतिबद्धता है. हम कल से सड़कों पर उतरेंगे और हम अपनी नारी शक्ति को हर अधिकार, हर न्याय और हर सम्मान दिलाएंगे.

यह भी पढ़ेंः Women Reservation Bill: ‘विपक्ष ने साथ नहीं दिया, लेकिन...’, लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित न होने पर बोले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

उनका असली और दुष्ट चेहरा आज सामने आ गयाः शिंदे

वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पोस्ट किया, कि लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का नामंजूर होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने गरीब, आदिवासी, पिछड़े, अनुसूचित जाति-जनजाति की माताओं और बहनों को संसद में आने से रोकने के लिए महिला-विरोधी रुख अपनाया. शिवसेना इसकी तीखे शब्दों में निंदा करती है.

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने नारी शक्ति को वंदन करने के लिए एक ऐतिहासिक कोशिश की थी, परंतु विरोधियों का महिलाओं के प्रति जो पूर्वाग्रह है, वह आज साफ दिखाई दिया. उनका असली और दुष्ट चेहरा आज सामने आ गया.

यह भी पढ़ेंः 30 लाख नगद, 175 ट्रक में लदा हजारों मीट्रिक टन गेहूं जब्त...कोलकाता PDS घोटाले में ईडी का एक्शन