मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े और हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. यह कार्रवाई दिल्ली- एनसीआर में की गई है. गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव और उसके पूरे नेटवर्क के खिलाफ दिल्ली-NCR में ताबड़तोड़ छापेमारी की है. 

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ED के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने 26 और 27 दिसंबर 2025 को दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में कुल 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किया. जबकि 30 दिसंबर से शुरू हुई कार्रवाई अभी भी जारी है.

ED के मुताबिक ये कार्रवाई गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों, Apollo Green Energy Ltd और उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों व लोगों के खिलाफ PMLA के तहत की जा रही है.

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ED की जांच के मुताबिक गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव पर अवैध वसूली, प्राइवेट फाइनेंसर्स से जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के दम पर धमकाने और इन गैरकानूनी गतिविधियों से भारी कमीशन कमाने के गंभीर आरोप है.  ED ने ये जांच हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से ज्यादा FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की है.

हत्या, रंगदारी, धोखाधड़ी ...जैसी वारदातों में शामिल रहा इंद्रजीत

ED का दावा है कि इंद्रजीत सिंह यादवमेसर्स जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (जो जेम्स ट्यून्स के नाम से काम करती है) का मालिक और मुख्य कंट्रोलर है. एक कुख्यात गैंगस्टर के तौर पर हत्या, रंगदारी, जबरन लोन सेटलमेंट, धोखाधड़ी, चीटिंग, अवैध जमीन कब्जाने और हिंसक वारदातों में शामिल रहा है. इंद्रजीत सिंह यादव हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांटेड है और फिलहाल UAE से नेटवर्क चला रहा है.

ED की जांच में सामने आया है कि Apollo Green Energy Ltd समेत कुछ कॉरपोरेट हाउस ने झज्जर इलाके के प्राइवेट फाइनेंसर्स से भारी-भरकम रकम कैश में उधार ली और बदले में पोस्ट-डेटेड चेक सिक्योरिटी के तौर पर दिए. 

इन हाई-वैल्यू लोन और वित्तीय विवादों के जबरन सेटलमेंट में गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव ने स्ट्रॉन्गमैन और एनफोर्सर की भूमिका निभाई. ED का आरोप है कि ये सेटलमेंट धमकी, हथियारों का डर और लोकल गैंग्स के जरिए कराए गए, जिनमें विदेश से चल रहे संगठित अपराध सिंडिकेट्स की भी भूमिका रही. 

इंद्रजीत ने सैकड़ों करोड़ रुपये कमीशन से कमाए

इस पूरे खेल में इंद्रजीत सिंह यादव ने सैकड़ों करोड़ रुपये कमीशन के तौर पर कमाए. इसी काली कमाई से महंगी प्रॉपर्टी, लग्जरी कारें खरीदी गई और आलीशान जिंदगी जी गई. जबकि इनकम टैक्स रिटर्न में न्यूनतम आय दिखाई गई. 30 दिसंबर को ED ने दिल्ली के सर्वप्रिय विहार इलाके में गैंगस्टर के करीबी अमन कुमार के घर पर छापा मारा. यहां से 5.12 करोड़ रुपये नकद, 8.80 करोड़ रुपये के सोने-हीरे के गहने, और करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए. इतनी बड़ी नकदी की गिनती के लिए बैंक अधिकारियों को कैश काउंटिंग मशीन के साथ बुलाना पड़ा.

इसके बाद ED ने दिल्ली के वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता के घर और फार्महाउस पर सर्च किया. ED के मुताबिक सुनील गुप्ता ने पहले अमन कुमार को लोन दिया था और शक है कि जांच शुरू होने के बाद अपराध की कमाई को ठिकाने लगाने के लिए बड़ी रकम सुनील गुप्ता को ट्रांसफर की गई. यहां से 1.22 करोड़ रुपये नकद और करीब 8.50 करोड़ रुपये के सोने-हीरे के गहने बरामद हुए.

लग्जरी गाड़ियां, जेवर समेत करोड़ों कैश बरामद

अब तक की कार्रवाई में ED ने कुल नकद- 6.34 करोड़ रुपये, कुल जेवर- करीब 17.30 करोड़ रुपये, 5 लग्ज़री कारें, बैंक लॉकर, आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और डिजिटल डेटा जब्त किया है.

ED को ये भी पता चला है कि लोन सेटलमेंट के लिए एक वेबसाइट/पोर्टल भी बनाया गया था, जिसे इंद्रजीत सिंह यादव ऑपरेट करता था. जांच में ये भी सामने आया है कि अपराध से कमाए गए पैसों से इंद्रजीत सिंह यादव और उसके परिवार के नाम पर कई चल-अचल संपत्तियां खरीदी गई. ED के मुताबिक फिलहाल जांच और छापेमारी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते है.