दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (13 अगस्त) को एक्टर अभिषेक बच्चन और एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर डाली गई गुमराह करने वाली पोस्ट के मामले में एक सुनवाई करते हुए अहम सवाल किया है. कोर्ट ने पूछा है कि क्या परिवार के नाम से बनी प्रतिष्ठा पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती रहती है? 

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जस्टिस अनूप जे भंभानी ने पूछा, यदि किसी परिवार का नाम किसी ट्रेडमार्क से जुड़ी प्रतिष्ठा जैसा हो, तो आने वाली कितनी पीढ़ियों तक परिवार के नाम की प्रतिष्ठा का लाभ मिलता रहेगा? 

साल 2023 में बच्चन फैमिली ने दायर किया था अदालत में वाद

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आराध्या बच्चन और अभिषेक बच्चन ने साल 2023 में यह वाद दायर किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि यूट्यूब पर नाबालिग के हेल्थ और प्राइवेट जिंदगी के बारे में पूरी तरह से झूठे वीडियो प्रसारित किए गए थे. 

सुनवाई के दौरान जस्टिस ने कहा, 'ट्रेडमार्क और उसकी प्रतिष्ठा किसी प्रोडक्ट या सर्विस से जुड़ी होती है. लेकिन जब आप किसी व्यक्ति के बारे में बात करते हैं, तो यह मामला रिफ्रेंस के हिसाब से कुछ हद तक अलग हो जाता है.' 

जस्टिस भंभानी ने सवाल किया, 'किसी खास उपनाम की अपनी एक प्रतिष्ठा होती है, जो उपलब्धियों, किसी विशेष क्षेत्र में अर्जित ख्याति आदि से बनती है. तो क्या वह प्रतिष्ठा जिसे आप असल में एक ट्रेडमार्क की तरह बता रहे हैं, पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है? अगर ऐसा है तो इसकी हद क्या होगी?' 

इसके अलावा अदालत ने सवाल किया कि क्या फेक न्यूज पब्लिश करने से भले ही वह बेहद घिनौनी हो, किसी के बौद्धिक संपदा अधिकार का उल्लंघन हो सकता है. वादी की ओर से पेश हुए वकील ने कहा, अगर साख बरकरार है, तो गलत जानकारी फैलाने की किसी भी कोशिश या उस साख को कोई नुकसान पहुंचने देन से रोकना जरूरी है. 

वकील ने कोर्ट में क्या तर्क दिया है? 

वहीं, वकील ने कोर्ट से कहा, 'कुछ समय बाद साख खत्म हो सकती है. लेकिन यहां पूरे परिवार की फोटो का इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बच्चन के नाम का इस्तेमाल करके फेक न्यूजं का प्रसार किया जा रहा था. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 20 अप्रैल 2023 को कई यूट्यूब चैनलों को आराध्या बच्चन की सेहत के बारे में गुमराह करने वाली सामग्री प्रसारित करने से रोक दिया था. अदालत ने कहा था कि किसी बच्ची के बारे में गलत जानकारी फैलाना बीमार मानसिकता को प्रदर्शित करता है. गूगल ऐसी सामग्री का प्रसार करने की इजाजत नहीं दे सकता. मामले में आगे की सुनवाई सितंबर में होगी.'