Delhi Gov Vs LG: दिल्ली सरकार और एलजी में विवाद थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. हाल ही में दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना ने केजरीवाल सरकार में फेलोशिप के नाम पर नियुक्त किए गए लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. इस पर केजरीवाल सरकार के विरोध के बाद एलजी के दफ्तर ने इसके बारे में जवाब दिया है.
एलजी दफ्तर ने निकाले गए लोगों के बारे में कहा कि दिल्ली विधानसभा ने दिल्ली जल बोर्ड / दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड में विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किए गए 116 फेलो और एसोसिएट फेलो सभी AAP कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि उनको SC/ST और OBC के लिए आरक्षण के संबंध में संवैधानिक प्रावधानों का पालन किए बिना नियुक्त किया गया है.
दिल्ली एलजी ने किन लोगों का उदाहरण दिया है?
1. अरविंद केजरीवाल के पर्सनल बॉडी गार्ड और बाउंसर राम कुमार झा को 60 हजार रुपये सैलरी मिलती है. उनको अक्सर आप के लिए खुलेआम प्रचार करते हुए देखा जा सकता है. इसके साथ ही उनको कई मौकों पर अरविंद केजरीवाल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे मीडियाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए भी देखा जा सकता है.
2. निशा सिंह को 1 लाख रुपये हर महीने का भुगतान किया जाता था और वह जेल में बंद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के साथ अटैच थी. निशा सिंह को ही भीड़ की हिंसा को उकसाने के लिए 7 साल की सजा सुनाई गई है.
3. आंचल बावा पाठक को भी दिल्ली सरकार ने बायस्ड तरीके से 1 लाख रुपये का भुगतान किया है. आंचल कथित तौर पर केजरीवाल के गुर्गे और विधायक दुर्गेश पाठक की पत्नी हैं.
4. पूर्व मीडियाकर्मी और वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य मीडिया सलाहकार मनोज कुमार झा को 1.5 लाख रुपये मिलते हैं. हालांकि उनका कोई भी काम डीजेबी के लिए नहीं है, लेकिन वह चुनावों में आम आदमी पार्टी के लिए खुलेआम प्रचार करते हैं.
5. प्रवीण कुमार चादर, जिनको एसोसिएट फेलो के रूप में 1 लाख रुपये मिलते हैं को खुलेआम बीजेपी और कांग्रेस नेताओं को ट्रोल करते हुए देखा जा सकता है. वह सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार करते हैं.
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