दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. सीबीआई ने दो पुराने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच अब अपने हाथ में ले ली है. पहले ये जांच दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रहा था और अब दोनों मामलों की जांच को सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया है.
इनमें से एक मामला सुरेंद्र बंसल और उनकी कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन्स से जुड़ा है, जिसमें लोक निर्माण विभाग (PWD) के कुछ अज्ञात अधिकारी भी आरोपी बताए गए हैं. सुरेंद्र बंसल जो कि अरविंद केजरीवाल के साले थे उनका 2017 में निधन हो चुका है. अब दिल्ली सरकार की सिफारिश और गृह मंत्रालय के जरिए जारी नोटिफिकेशन के बाद ये केस CBI को सौंप दिए गए हैं.
क्या है कमल सिंह से जुड़ा पहला मामला?
इसमें पहला केस कमल सिंह और उनकी कंपनी से जुड़ा हुआ है. आरोप के मुताबिक ठेका देने में अनियमितताएं हुईं और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से वित्तीय गड़बड़ियां की गईं. इस मामले में पूरी डिटेल आनी बाकी है, लेकिन सीबीआई ने इसे भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए केस अपने हाथ में ले लिया. CBI ठेका देने की शर्तों सहित नियमों के पालन और सरकारी खजाने को हुए नुकसान की जांच करेगी.
सुरेंद्र बंसल केस क्या है?
सबसे ज्यादा चर्चित दूसरा केस है जो सुरेंद्र बंसल और उनकी कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन्स से जुड़ा हुआ है. यह केस राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि सुरेंद्र बंसल केजरीवाल के साले थे. आरोप है कि PWD विभाग के भीतर कुछ अधिकारियों की मदद से बंसल की कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन्स को फायदा पहुंचाया गया था. एफआईआर के अनुसार करीब 46 फीसदी कम रेट पर यह ठेका दिया गया, जो सामान्य परिस्थितियों में संदिग्ध माना जाता है.
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