केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता जयराम रमेश ने उन पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये सरकार की बढ़ती हताशा का पक्का संकेत है. उन्होंने कहा कि पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बस 'लेकिन-मगर' और 'वो-क्या-हुआ' वाली बातें ही होती रहीं. उन्होंने आगे कहा कि नड्डा को बच्चों जैसी उंगली उठाने वाली बातों से आगे बढ़कर सबसे पहले प्रधानमंत्री की नाकामियों को बड़े पैमाने पर स्वीकार करना चाहिए. आप क्रोनोलॉजी समझिए.

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जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि NEET-UG 2026 का पेपर लीक होना तो बस एक लक्षण है समस्या की जड़ें कहीं ज़्यादा गहरी हैं. छात्रों का गुस्सा शिक्षा मंत्री की अक्षमता, मोदी सरकार की बेहद खराब शिक्षा नीतियों और प्रधानमंत्री के अहंकार को लेकर है. उन्होंने कहा कि NTA को खास तौर पर मोदी सरकार ने परीक्षाएं आयोजित करने के लिए बनाया था. मोदी सरकार ने जान-बूझकर NTA के जरिए परीक्षाओं का एक सेंट्रलाइज़्ड सिस्टम बनाया और यूनिवर्सिटीज़ और राज्यों को इसे अपनाने के लिए मजबूर किया गया. 

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उन्होंने कहा कि NTA के बुरी तरह से नाकाम होने के बाद 2024 में प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि NTA में सुधार किए जाएंगे. NTA में सुधार के सुझाव देने के लिए राधाकृष्णन कमेटी बनाई गई थी और उसने 101 सिफारिशें पेश कीं. सुधारों को गंभीरता से लागू करने के बजाय सरकार टालमटोल करती रही और उन्होंने बहुत ज्यादा लापरवाही दिखाई. 

धर्मेंद्र प्रधान को लेकर क्या कहासरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक हुआ और NTA को बाद में परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इस समय भी NTA और उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षा पर बनी संसदीय स्थायी समिति के सामने बेशर्मी से दावा किया कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ था. धर्मेंद्र प्रधान के लिए सच्चाई से ज़्यादा दिखावा मायने रखता है. उन्होंने NTA को मजबूत करने के लिए शिक्षा पर बनी संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों को सिर्फ़ इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि समिति में विपक्ष के सदस्य भी शामिल थे.

समस्या की जड़ बहुत गहरी- जयराम रमेश जयराम रमेश ने कहा कि जब छात्र पेपर लीक और मोदी सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ़ विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे तो प्रधानमंत्री और उनके अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर बेमिसाल बर्बरता की. उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज, वॉटर कैनन, आंसू गैस और खबरों के मुताबिक पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया. उन्होंने आगे कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक सिर्फ़ एक लक्षण है. समस्या की जड़ बहुत गहरी है. 

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