देहादून के एटीएस कॉलोनी में डर और आतंक का माहौल पैदान करने वाले विवादित बिल्डर पुनीत के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल की अदालत ने आरोपी पुनीत अग्रवाल को गुंडा घोषित करते हुए 6 महीन के लिए देहरादून जिले से बाहर रहने का आदेश दिया है.

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क्या है पूरा मामला?

यह पूरी कानूनी कार्यवाही रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की महिला साइंटिस्ट हेम शिखा की शिकायत के बाद शुरू हुई. हेम शिखा ने अपनी शिकायत में बताया था कि 13 अप्रैल 2026 को आरोपी पुनीत अग्रवाल ने उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया था. आरोपी ने महिला वैज्ञानिक के पति के साथ बेहद बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनके कान का पर्दा फट गया. इसके अलावा आरोपी ने हेम शिखा के साथ बदतमीजी की और उनके बुजुर्ग सास-ससुर को गालियां दीं.

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शिकायत में यह भी कहा गया था कि आरोपी पुनीत अग्रवाल इसके अलावा भी पूरी कॉलोनी के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को डराने-धमकाने के लिए कुख्यात है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया था. इस मामले में DRDO के एक वरिष्ठ साइंटिस्ट और डीईएएल के निदेशक मनोज कुमार ढाका ने भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने SDM मसूरी से इस मामले की गोपनीय जांच करवाई.

पुनीत अग्रवाल 6 महीने के लिए जिला बदर

जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पुनीत अग्रवाल एक आदतन और कुख्यात अपराधी है, जो इलाके में लोगों को डराता-धमकाता है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, थाना रायपुर में आरोपी के खिलाफ पहले से ही लड़ाई-झगड़े, मारपीट और अवैध कब्जे से जुड़े 5 गंभीर मुकदमे (FIR) दर्ज हैं. पुनीत अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से 6 महीने के लिए देहरादून जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है. जिला बदर रहने के दौरान उसे अपने रहने के नए स्थान का पूरा पता कोर्ट और रायपुर थाने को देना होगा.

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