भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के सभी सैनिकों के नाम एक संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि मैं अपनी और पूरे देश की तरफ से सभी सैनिकों और मिलिट्री अधिकारियों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं, चाहे वे अभी सेवा में हों या रिटायर हो चुके हों. मैं उन परिवारों का भी बहुत शुक्रिया अदा करता हूं, जिनके त्याग और धैर्य की वजह से हमारे सैनिक इतनी अटूट लगन के साथ मातृभूमि की सेवा कर पाते हैं.

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स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें आजादी का अमूल्य उपहार दिया- राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘79 साल पहले, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने अथक संघर्ष, त्याग और बलिदान के बल पर निस्वार्थ भाव से हमें आजादी का अमूल्य उपहार दिया था. महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरोजिनी नायडू, रानी गाइदिन्ल्यू और अनगिनत दूसरे ज्ञात-अज्ञात वीरों के सपनों और बलिदान ने एक स्वतंत्र भारत की नींव रखी. उसके बाद से ही उस विरासत को सुरक्षित रखने और भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करने की जिम्मेदारी हमारे सशस्त्र बलों के मजबूत कंधों पर है.’

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उन्होंने कहा, ‘आपका अनुशासन, साहस, समर्पण और देश के प्रति अटूट निष्ठा हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है. विपरीत परिस्थितियों में भी आपका अडिग संकल्प यह सुनिश्चित करता है कि देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित वातावरण में अपने सपने को पूरा कर सके. देश आपकी अद्वितीय सेवा, त्याग और समर्पण के लिए सदैव आपका ऋणी (कर्जदार) रहेगा.’ 

1947 से लेकर आज तक हमारे रक्षा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की- राजनाथ

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘देश के रक्षा मंत्री के रूप में समय-समय पर, अलग-अलग मौकों पर आप सभी से मिलता ही रहता हूं, लेकिन स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी के साथ कुछ बातें साझा करना हमेशा एक अलग अनुभव होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन हम अपनी सशस्त्र सेनाओं की किसी एक युनिट के बारे में ही बात नहीं कर रहे होते हैं, बल्कि हम भारत के डिफेंस सेक्टर के विकास को होलिस्टिक नजरिए से देख रहे होते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘एक राष्ट्र के रूप में भारत ने आजादी के इन 80 सालों में जो प्रगति की है, वो अपने आप में एक प्रेरक गाथा है, लेकिन यह कहानी तब और सुखद हो जाती है, जब हम इसमें भारत के रक्षा क्षेत्र की यात्रा को देखते हैं. 1947 से लेकर आज तक हमारे रक्षा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है और हम सभी इसके साक्षी हैं.’ 

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