CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने रविवार (26 जुलाई 2026) को कहा कि सिर्फ शिक्षा मंत्री को बदल देने से देश की एग्जाम सिस्टम से जुड़ी समस्याएं खत्म नहीं होंगी. उन्होंने सरकार से पूरे सिस्टम को सुधारने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने की मांग की. उनका कहना है कि छात्रों और आम लोगों का भरोसा वापस जीतने के लिए केवल मंत्री बदलना काफी नहीं है, बल्कि पूरे तंत्र में जवाबदेही तय करनी होगी.

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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के बाद जॉन ब्रिटास ने कहा कि सरकार को परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बड़े और सख्त कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि दो साल पहले भी सरकार ने संसद में भरोसा दिलाया था कि परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और गलत तरीकों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. इसके बाद 2024 में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने से संबंधित कानून भी पारित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा प्रणाली में समस्याएं जारी रहीं.

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उच्च शिक्षा विभाग के स्तर पर ब्रिटास ने उठाए सवाल

ब्रिटास ने यह भी सवाल उठाया कि उच्च शिक्षा विभाग के स्तर पर किस प्रकार के बदलाव किए जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा सचिव के पद पर ऐसे अधिकारी को नियुक्त किया गया था, जिनका नाम पहले एक वित्तीय अनियमितता के मामले में सामने आया था. उन्होंने कहा कि सरकार को केवल एक मंत्री का इस्तीफा लेने के बजाय पूरे प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार को यह समझ में आया है कि ऊंचे स्तर पर जवाबदेही तय करना जरूरी है. उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण कदम है और वह इसका स्वागत करते हैं, लेकिन इससे सारी समस्याएं हल नहीं हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि देश के छात्रों और जनता में भरोसा पैदा करने के लिए सरकार को और भी कई सुधारात्मक कदम उठाने होंगे.

केवल मंत्री बदलने से हालात नहीं सुधरेंगे-जॉन ब्रिटास

जॉन ब्रिटास ने कहा कि केवल मंत्री बदलने से हालात नहीं सुधरेंगे. जरूरत इस बात की है कि परीक्षा प्रणाली में मौजूद कमियों को दूर किया जाए, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए. यह बयान उस समय आया है जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है. कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन पर जताए गए भरोसे के लिए वह आभारी हैं और इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार किया इस्तीफा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को  प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया था. इसके बाद प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. वह पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कामकाज संभाल रहे हैं. धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि चल रहे विरोध प्रदर्शनों का फायदा देश-विरोधी ताकतें न उठा सकें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा है.

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