नई दिल्ली: भारत कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है तो साथ ही उसे फिक्र विदेशी जमीन पर मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों की भी है. खासतौर पर विदेशी धरती पर मौजूद भारतीय छात्रों और ऐसे लोगों की चिंता अधिक है जिनके पास संसाधनों की कमी हो सकती है.

यही वजह है कि कई मुल्कों में कई छात्रों का किराया अदा करने से लेकर विदेशों में अटके लोगों के होटल में रुकने का खर्च भी दूतावास उठा रहे हैं. इतना ही नहीं भारतीय समुदायिक कल्याण कोष से कुछ लोगों को जरूरी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक मदद भी मुहैया कराई गई है.

गत दिनों भारत के विभिन्न राजदूतों के साथ वीडियो संवाद में पीएम मोदी ने इस बात का विशेष आग्रह किया था कि सभी दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों का ध्यान रखें. खासतौर पर भारतीय छात्रों की भी खैरियत सुनिश्चत करें.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक विभिन्न दूतावास विभिन्न देशों में करीब 60 हजार ऐसे भारतीय समुदाय के लोगों की मदद कर रहे हैं जिन्हें किसी तरह की सहायता के लिए संपर्क किया है.

इस कड़ी में उजबेकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के एक हजार से अधिक छात्रों के किराए का खर्च उठाया. वहीं लॉक डाऊन के कारण दुबई के एयरपोर्ट पर फंसे 20 से अधिक भारतीय नागरिकों को नजदीक के होटल में ठहराने का खर्च भी दूतावास ही वहन कर रहा है.

इतना ही नहीं अमेरिका, कनाडा जैसे देशों में जहां भारत के छात्रों की संख्या अधिक है वहां भारतीय समुदाय भी काफी बढ़- चढ़कर मदद कर रहा है.कनाडा के टोरंटो में स्थानीय पंजाबी सेवा जैसे संगठन 10 हजार से अधिक भारतीय छात्रों और जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न व अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं.

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