नई दिल्ली: मिजोरम में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर में कोरोना के दो मामले हो गए हैं. एक पादरी का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पादरी जिनका टेस्ट पॉटिजिव पाया गया है, उनका एम्सटर्डम के नीदरलैंड जाने की ट्रैवल हिस्ट्री सामने आई है. पादरी की उम्र 50 साल बताई गई है.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री आर ललथंगलियाना ने कहा, ''नीदरलैंड में एम्स्टर्डम के लिए एक यात्रा इतिहास के साथ एक पादरी का COVID19 का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. उन्हें ज़ोरम मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया है. मिजोरम में यह पहला मामला है.'' स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहला मामला सामने आने के बाद घबराने की जरूरत नहीं है.
बता दें कि देश में अब तक कोरोना वायरस के 562 पॉजिटिव मामलों की पुष्टी हुई है. इस वायरस की वजह से अब तक भारत में 11 लोगों की जान चली गई है. इसके अलावा 40 लोग इलाज के बाद रिकवर हो चुके है. कोरोना के संक्रमण के मद्देजनर 14 अप्रैल तक पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा है.
आज लॉकडाउन का पहला दिन है. हालांकि, पहले ही दिन लोग लॉकडाउन को लेकर गंभीर नहीं दिखे और सड़कों पर चहलकदमी करते और बेवजह वाहन दौड़ाते नज़र आए. हालांकि आज नवरात्री का पहला दिन था, इसलिए दुकानों और मंदिरों में जाने के लिए लोग घर से निकले. इस बीच करीब 10 बजे जब लोग ऐसे ही चहलकदमी करते रहे तो पुलिस ने उनसे घर जाने की अपील भी की. इस दौरान जो लोग नहीं माने, पुलिस को मजबुरन उनपर लाठीचार्ज करना पड़ा.
गौरतलब है कि कल 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से ये अपील की थी कि वे अपने घरों से बाहर नहीं निकलें. इस बात को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बार बार दोहराया था. उन्होंने कहा था कि कोरोना को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंस को बरकरार रखना एकमात्र उपाय है.