जम्मू और कश्मीर: कश्मीर घाटी में बेरहम आतंकियों की बर्बरता एक और उदाहरण सामने आया है. सीआईडी में सब इंस्पेक्टर इम्तियाज अहमद मीर को आतंकवादियों ने बेरहमी से मार डाला. सब इंस्पेक्टर इम्तियाज का शव जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शेव कलां इलाके में गोलियों से छलनी मिला.
30 साल के इम्तियाज छुट्टी लेकर माता-पिता से मिलने घर जा रहे थे. आतंकी उन्हें पहचान न पाएं, इसके लिए इम्तियाज ने दाढ़ी भी कटा ली थी. इसके बावजूद वे आतंकियों को चकमा ना दे पाए. मीर को चेतावनी दी गई थी कि घर जाते वक्त उन पर आतंकी हमला हो सकता है.
रात में जब इम्तिजात का शव उनके घर पहुंचा तो हड़कंप मच गया. राजकीय सम्मान के साथ इम्तियाज को आखिरी विदाई दी गई. 2010 बैच के सब इंस्पेक्टर इम्तियाज के एक साथी ने बताया कि घर रवाना होने के पहले मीर के अंतिम शब्द थे- अब आतंकी मुझे नहीं पहचान पाएंगे.
इसके बावजूद आतंकियों को उसके घर जाने की खबर लग गई और बीच रास्ते में ही इम्तियाज को गोली मार दी गई. पिछले कुछ दिनों से आतंकी लगातार जम्मू कश्मीर पुलिस के सिपाहियों को निशाना बना रहे हैं. इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ पुलिस वालों के नौकरी छोड़ने की भी खबर सामने आई थी, हालांकि प्रशाशन की ओर इन खबरों का खंडन किया गया.
