कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन शुक्रवार (22 मई) को 16वीं केरल विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए. राधाकृष्णन को 101 वोट मिले, क्योंकि प्रोटेम स्पीकर (अस्थायी अध्यक्ष) जी. सुधाकरन ने वोट नहीं डाला. राधाकृष्णन के अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के उम्मीदवार ए सी मोइदीन और बीजेपी के बी बी गोपाकुमार भी इस पद की दौड़ में थे.

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कौन-कौन था रेस मेंहालांकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को 140 सीटों वाली विधानसभा में 102 सदस्यों का बहुमत प्राप्त है. मोइदीन को 35 वोट मिले और गोपाकुमार को तीन वोट मिले. विधानसभा में एलडीएफ के 35 और बीजेपी के 3 मेंबर हैं.

यूडीएफ ने राधाकृष्णन की उम्मीदवारी की घोषणा कुछ दिन पहले ही कर दी थी, जबकि विपक्षी मोर्चों ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए. बता दें कि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में प्रमुख रूप से यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग भी शामिल है.

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कौन हैं तिरुवनचूर राधाकृष्णनतिरुवनचूर राधाकृष्णन केरल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक हैं. वे ओमन चांडी सरकार (2012-2014) में केरल के गृह मंत्री और सतर्कता मंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने वन, परिवहन, खेल और पर्यावरण मंत्रालय जैसे विभागों का भी कार्यभार संभाला है. वर्तमान में वो केरल विधानसभा के अध्यक्ष बनाए गए हैं.

केरल में बीजेपी के कितने विधायकहाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने 102 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की. पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला LDF महज 35 सीटों पर सिमट गया. बता दें कि UDF के साथ इस गठबंधन में कांग्रेस को 63 और IUML को 22 सीटें मिलीं. केरल में इस बार जहां दस साल पुरानी वामपंथी सरकार गिर गई. तो वहीं BJP ने अपनी सीटों की संख्या शून्य से बढ़ाकर 3 कर ली है. बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम के नेमोम, कज़ाकूटम और कोल्लम के चथन्नूर से भी जीत हासिल की है.

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