‘राहत देने की बजाय मोदी सरकार...’, UPI पर टैक्स को लेकर खरगे का केंद्र पर बड़ा हमला
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जब नोटबंदी के विनाशकारी नतीजों पर सवाल उठे, तो सरकार ने दलील दी थी कि नोटबंदी डिजिटल पेंमेंट्स और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है.

- मल्लिकार्जुन खरगे ने यूपीआई शुल्क को मोदी सरकार की लूट बताया।
- उन्होंने कहा, अब ₹2000 से ऊपर लेनदेन पर शुल्क लगेगा।
- नोटबंदी से तुलना कर डिजिटल पेमेंट्स टैक्स की आलोचना की।
- खरगे ने चेतावनी दी, यह बोझ आखिर में उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यूपीआई पेमेंट्स पर चार्ज लगाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की लूट UPI तक पहुंच गई है. गगनचुंबी मंहगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है और महंगाई से त्रस्त जनता को राहत देने के बजाय मोदी सरकार हर रोज उसकी जेब पर डाका डालने का नया तरीका खोज रही है.
उन्होंने मंगलवार (15 सितंबर, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा, ‘अब मोदी सरकार की लूट UPI तक पहुंच गई है. नो फीस ऑन यूपीआई (No fees on UPI) को बदलकर अब 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर नो फीस कर दिया गया है.
नोटबंदी को लेकर क्या बोले कांग्रेस अध्यक्ष?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘गगनचुंबी महंगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है. थोक महंगाई 10% के करीब है और BJP सरकार ने जनता पर डिजिटल पेमेंट्स टैक्स (Digital Payments Tax) लगाकर उनकी बची-कुची, बचत को भी तबाह करने की योजना बना दी है.’
अब मोदी सरकार की लूट UPI तक पहुँच गई है। “No fees on UPI” को बदलकर अब “₹2,000 तक के UPI transactions पर no fees” कर दिया गया है।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 15, 2026
गगनचुंबी महँगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है। थोक महँगाई 10% के क़रीब है और भाजपा सरकार ने जनता पर “Digital Payments Tax” लगाकर उनकी बची-कुची,… pic.twitter.com/Fq63eLLFVp
उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार का सबसे बड़ा पलटवार देखिए - 10 साल पहले नोटबंदी करके देश की अर्थव्यवस्था को झटका दिया गया. जब नोटबंदी के विनाशकारी नतीजों पर सवाल उठे, तो सरकार ने दलील दी थी कि नोटबंदी डिजिटल पेंमेंट्स (Digital Payments) और कैशलेस इकोनॉमी (Cashless Economy) को बढ़ावा देने के लिए थोपी गई.’
MDR पर बोले मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘वित्त मंत्री जी ने हाल ही में संसद में कहा था कि UPI पर कोई टैक्स और चार्जेज (Charges) नहीं लगेंगे, पर कई खबरों के मुताबिक: 5,000 रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10,000 रुपये पर 50 रुपये तक की संभावित वसूली की जाएगी. क्या ये सच है?’
उन्होंने आगे कहा, ‘MDR की बात करें, तो सरकार को क्या यह नहीं पता कि व्यापारी पर पड़ने वाला यह अतिरिक्त बोझ आखिरकार कीमतों के जरिए आम उपभोक्ता की जेब से ही वसूला जाएगा? महंगाई से त्रस्त जनता को राहत देने के बजाय मोदी सरकार हर रोज उसकी जेब पर डाका डालने का नया तरीका खोज रही है!!’
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