10 साल पुराने बीजेपी नेता के मर्डर केस में आया फैसला, कांग्रेस विधायक को आजीवन कारावास की सजा, पढ़ें पूरा मामला
15 अप्रैल की सुनवाई में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने विनय कुलकर्णी समेत 16 लोगों को बीजेपी नेता की हत्या की साजिश रचने का दोषी करार दिया था.

कर्नाटक में बीजेपी नेता की हत्या के मामले में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को 2016 में हुई बीजेपी नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में कोर्ट ने यह आदेश सुनाया है. 15 अप्रैल को कोर्ट ने विनय कुलकर्णी और 15 अन्यों को इस मामले में दोषी करार दिया था.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस संतोष गजानन भट ने शुक्रवार को मामले पर फैसला सुनाया है. बीजेपी नेता योगेश गौड़ा धारवाड़ जिला पंचायत के पूर्व विधायक थे. 25 जून, 2026 को धारवाड़ की एक जिम में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. मामले में धारवाड़ सबअर्बन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और बाद में सीबीआई ने मामले की जांच की.
सीबीआई ने जांच के बाद आपराधिक साजिश रचने, हत्या, आरोपी को बचाने के लिए कानून का उल्लंघन किया जाना, सबूत नष्ट करने की कोशिश, हथियारों के साथ दंगा करना और अवैध तरीके से हथियार रखना और उनकी तस्करी करने जैसे अपराधों का जिक्र करते हुए चार्जशीट दाखिल की थी.
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सीबीआई ने 5 नवंबर, 2020 को विनय कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था और 11 अगस्त, 2021 को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें सशर्त जमानत मिल गई थी. हालांकि, 7 जून, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी. कोर्ट ने जमानत खाारिज करते हुए कहा था कि इस बात के पक्के सबूत मिले हैं कि आरोपी ने चश्मदीदों से बात करने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की है.
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15 अप्रैल की सुनवाई में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने विनय कुलकर्णी के साथ विक्रम, कीर्ति कुमार, संदीप सावदत्ती, विनायक कतगी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ मुदाका, संतोष सावदत्ती, दिनेश एम, एस अश्वत, केएस सुनील, नजीर अहमद, शहनवाज, के नूतन, सी हर्षित, चंद्रशेखर इंडी उर्फ चंद्रू मामा, विकास कलबुर्गी और चन्नाकेसव तिंगारिकर को भी दोषी ठहराया. कोर्ट ने माना कि सभी दोषियों ने योगेश गौड़ा की हत्या की साजिश रची, इसके लिए उन्हें आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120बी (साजिश रचने) के तहत दोषी ठहराया है. कोर्ट ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

























