कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार (13 अगस्त) को कहा कि इस देश में दलितों के लिए जगह नहीं है. उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में मंच का शुद्धिकरण किए जाने के मामले पर भारतीय जनता पार्टी को घेरा. खरगे ने कहा कि यह मेरे लिए अपमानजनक है. अहम बात यह भी है कि उन्होंने यह मुद्ध राज्यसभा में भी उठाया, जिसके बाद सदन में बवाल मच गया.

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मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'हम शुरू से ही यह कहते आ रहे हैं कि इस देश में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है. ये लोग धर्म के नाम पर सभी को बांट रहे हैं. वहां हवन कराने की क्या जरूरत थी? रामलीला मैदान एक सार्वजनिक मैदान है, जिसका इस्तेमाल सभी राजनीतिक दल अपनी सभाओं के लिए करते हैं. लेकिन उन्होंने जो किया, वह पहली बात तो खुद हिंदू धर्म के खिलाफ है. दूसरी बात, वे देश को बांटने और जातियों के बीच टकराव पैदा करने का काम कर रहे हैं.'

खरगे ने अमित शाह पर कसा तंज

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खरगे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा, 'कब, अब जब आज वंदे मातरम हो रहा है, जन गण मन हो रहा है, 19 दिन संसद चला और कम से कम 25-26 दिन आपके पास थे तो उस समय आपको ये याद नहीं आया. ये तो मैं समझाता हूं कि लोगों को बताने के लिए उनका ये बयान है. जब आपका एजेंडा पूरा हो गया तब आप तैयार होते हो, सबके 19 दिन बर्बाद किया और अब एक्सटेंड मांगते हैं. ये शर्म की बात है.'

बता दें कि गुरुवार (13 अगस्त) को संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन है. लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही वंदे मातरम गाया गया. अहम बात यह है कि इस बार वंदे मातरम की पूरी पंक्तियों को गाया गया, इसको लेकर पहले काफी विवाद हो चुका है. वंदे मातरम खत्म होते ही लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

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