बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति और वहां पर हिंदू समुदाय के लोगों के खिलाफ हो रही हिंसा और उनकी लिंचिंग को लेकर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि लिंचिंग से बड़ा कोई अन्याय और अपराध नहीं हो सकता है.

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उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो भी कुछ हो रहा है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, वो कम ही है. अगर धर्म या किसी भी और कारण से किसी को गैर-कानूनी तरीके से मारा जाता है, तो यह अत्याचार है. लिंचिंग से बड़ा कोई अन्याय या अपराध नहीं हो सकता है.

लिंचिंग भारत में हो या बांग्लादेश में, एकजुट होना पड़ेगा- राशिद अल्वी

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने शुक्रवार (26 दिसंबर, 2025) को कहा, ‘किसी बेगुनाह को सिर्फ इसलिए मार देना कि वह दूसरे धर्म का है, एक गंभीर अपराध है. लिंचिंग भारत में हो या बांग्लादेश में हो, इसके खिलाफ एकजुट होना ही पड़ेगा. लिंचिंग करने से पूरी दुनिया में बदनामी होती है. बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वहां की सरकार इसके लिए जिम्मेदार है.’

देश में मुगल संबंधी मुद्दे बार-बार क्यों उठाए जा रहे- राशिद अल्वी

औरंगजेब के हिंदुओं पर धार्मिक तीर्थयात्राओं के लिए जजिया लगाने के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘जजिया एक अलग मुद्दा है. टैक्स लेना एक बात है, लेकिन किसी की जान लेना दूसरी बात है. लिंचिंग बिल्कुल अलग मामला है. लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करना कि उनकी जिंदगी असहनीय हो जाए, यह पूरी तरह से अलग बात है, लेकिन आज इससे भी बड़ा सवाल है कि मुगलों का आज कोई मतलब नहीं है, तो देश में बार-बार मुगल से संबंधित मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है? मुगलों के बारे में तो कहते हैं, लेकिन अंग्रेजों के बारे में क्यों नहीं कहते कि वे जालिम थे, जिन्होंने लाखों भारतीयों को मरवा दिया? जलियांवाला बाग हमारे सामने उदाहरण है. बंगाल में लाखों लोगों की लाशें पड़ी रहीं. उनकी चर्चा नहीं होती है.’

राशिद अल्वी ने टीएस सिंह देव के बयान का किया समर्थन

इसके अलावा, राशिद अल्वी ने एक अन्य कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि इतिहास तो यही बताता है कि ज्यादातर मुगल बादशाह सेक्युलर थे. छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता ने जो कुछ भी कहा है, वह इतिहास के अनुसार है.

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