अहमदाबाद: कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को गुजरात पुलिस ने विरमगाम के पास हांसलपुर से गिरफ्तार किया है. पाटीदार अनामत आंदोलन के समय दर्ज राजद्रोह केस में हार्दिक पटेल के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया, जिसके कुछ घंटे के भीतर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. राजद्रोह केस में हार्दिक पटेल कई बार कोर्ट की सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं रहे थे जिसकी वजह से गैर जमानती वारंट जारी किया गया है.
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजदीपसिंह जाला (अपराध शाखा) ने पटेल की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. जाला ने कहा, “हमने हार्दिक पटेल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद उन्हें वीरमगाम के पास से गिरफ्तार किया है. हम उन्हें कल अदालत के समक्ष पेश करेंगे.”
अहमदाबाद में 25 अगस्त 2015 को पटेल समुदाय की एक रैली के दौरान हिंसा भड़कने के बाद स्थानीय अपराध शाखा ने राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कर पटेल को पहले भी गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तारी के बाद 'गुजरात हार्दिक पटेल के साथ' ट्विटर हैंडल (@GujWithHardik) से ट्वीट किया गया, ''लंबे समय के बाद, गुजरात में कांग्रेस को मजबूत करने के इरादे से काम कर रहे हार्दिक पटेल को रोकने के लिए बीजेपी सरकार उन्हें कानूनी रूप से परेशान करने की योजना बना रही है.'' इस ट्वीट को हार्दिक पटेल के आधिकारिक हैंडल से रीट्वीट किया गया है.
एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, ''गुजरात के युवा नेता हार्दिक पटेल की आज अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसकी गिरफ्तारी की है. सरकार को जब जब डर लगता है तो पुलिस को आगे करती है. वैसे ही हार्दिक से सरकार डर गई और उसकी गिरफ्तारी करवा दी लेकिन जनता अब जाग गई है. अगले चुनाव में बीजेपी को करारा जवाब मिलेगा.''
