कांग्रेस के जाने माने नेता, बिहार के पूर्व गवर्नर और पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का 92 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया है. उनके निधन पर देश के प्रधानमंत्री समेत तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है. पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.
उन्होंने कहा, 'डॉ. डी. वाई पाटिल मुख्य रूप से शिक्षा और परोपकार के माध्यम से समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं. उन्होंने हमेशा से ही दूसरों, खासकर गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम किया है. उनके निधन की खबर बेहद दुखद है. इस दुखद घड़ी में, मैं उनके परिवार के सदस्यों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ओम शांति.'
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी जताया शोक
पाटिल के निधन पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, पूर्व गवर्नर, जाने माने शिक्षाविद और समाजसेवी डॉ. डीवाई पाटिल के निधन की खबर बेहद दुखद है. शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्रों में उनका योगदान हमेशा में याद रखा जाएगा. मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों, शुभचिंतकों और समर्थनकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.
डॉ. डी. वाई पाटिल से जुड़ी जानकारीडॉ. डी. वाई पाटिल का पूरा नाम ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल है. वह एक राजनेता, समाजसेवी और भारत के प्रमुख शिक्षाविदों में थे. उन्होंने 2009 से 2013 तक बिहार के गवर्नर के तौर पर काम किया. वह कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे.
इसके अलावा उन्हें भारत के सबसे बड़े निजी शिक्षा नेटवर्क में से एक बनाने के लिए जाना जाता है. उन्होंने डी.वाई ग्रुप की स्थापना की. यह भारत के एक प्राइवेट एजुकेशन नेटवर्क में से एक है. इसके तहत महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों में मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज, डेंटल कॉलेज और मैनेजमेंट संस्थान चल रहे हैं. शिक्षा और समाज के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए, भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्मश्री से सम्मानित किया था.
