नई दिल्लीः बुधवार 18 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के बेहद हंगामेदार होने के आसार हैं. इसको लेकर विपक्ष अपनी रणनीति बना रहा है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस महिला सुरक्षा, मॉब लिंचिंग आदि मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. इसको लेकर सोमवार सुबह साढ़े दस बजे सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी की स्ट्रेटेजी ग्रुप यानी रणनीति समूह की बैठक है. वहीं विपक्षी पार्टियों के नेता संसद भवन में शाम छः बजे बैठक करेंगे. कांग्रेस की बैठक में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन के चुनाव को लेकर कांग्रेस का रुख साफ हो सकता है. कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठक में सरकार से पूछे जाने वाले सवाल तय होंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से उम्मीद है कि इस बार सदन चलने दें. प्रधानमंत्री को हमारी पेशकश है कि जो बातें कल और आज बाहर बोले हैं वो सदन के भीतर बोलें. आनंद शर्मा ने देश में बढ़ रही लिंचिंग के मुद्दे पर नियम 267 के तहत काम रोको का नोटिस दिया है. जिस तरह पिछले दिनों मोदी मंत्रिमंडल के सदस्य जयंत सिन्हा ने लिंचिंग के आरोपियों का स्वागत किया उसको लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी. महिला सुरक्षा के मुद्दे पर महिला कांग्रेस संसद के बाहर प्रदर्शन की तैयारी कर रही है. टकराव का एक मुद्दा तीन तलाक बिल भी बनेगा. शनिवार को आजमगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह कांग्रेस पर तीन तलाक बिल को अटकाने का आरोप लगाया था उस मुद्दे पर भी कांग्रेस आक्रामक रुख अख्तियार करने वाली है. पार्टी नेता आनंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस तीन तलाक की प्रथा के खिलाफ है. बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की पहल खुद सरकार की तरफ से की गई. ऐसा इसलिए भी किया जाता है ताकि कानून में कोई त्रुटि ना रहे. लेकिन प्रधानमंत्री ने यह कह कर कि 'कांग्रेस कानून पास नहीं होने दे रही' गलतबयानी की है. यह सदन की अवमानना है. हम इस पर उनसे जवाब मांगेंगे. आनंद शर्मा ने ये भी कहा कि केवल मुस्लिम महिलाओं की बजाय मोदी को महिला सुरक्षा की बात करनी चाहिए. जिस उत्तर प्रदेश में मोदी भाषण दे रहे थे, वहां आए दिन बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए हमलों के पलटवार में आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मोदी जी विकास के लिए नहीं, चुनाव प्रचार के लिए जुटे हैं. वो दुष्प्रचार कर रहे हैं, अस्वस्थ मानसिकता का शिकार हैं. उन्होंने पीएम पद की गरिमा को बार बार चोट पहुंचाई है। वो 2014 की वादाखिलाफी का जवाब दें, आगे के वायदे ना बताएं. उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव के पहले पीएम बंटवारे की राजनीति करते हैं. एक अखबार की रिपोर्ट के हवाले से कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी कह कर मोदी द्वारा निशाना साधने पर आनंद शर्मा ने जवाब दिया कि आज़ादी की लड़ाई में शामिल कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी कहना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता. गांधी, नेहरू, मौलाना आज़ाद जैसे अध्यक्ष कांग्रेस में रहे. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हर देशवासी की पार्टी है, जो विविधता भरे देश में सबका प्रतिनिधित्व करती है. यानी साफ है कि संसद सत्र के शुरू होने से पहले सरकार और विपक्ष आमने-सामने है. तेलगुदेशम पार्टी और वाई.एस.आर. कांग्रेस जैसी पार्टियां भी अपनी मांगों को लेकर हंगामा कर सकती है. कुल मिला कर आसार यही हैं कि बजट सत्र की तरह ही मानसून सत्र भी हंगामे की भेंट चढ़ सकता है.