नई दिल्ली: अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव और छत्तीसगढ़ में पार्टी मामलों के प्रभारी पी. एल. पुनिया का कहना है कि राज्य में कांग्रेस एक मजबूत ताकत है और वह बिना किसी गठबंधन के भी विधानसभा चुनाव जीतने का माद्दा रखती है. उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का प्रदेश में कुछ प्रभाव है लेकिन कांग्रेस ने उनके साथ अभी कोई औपचारिक बातचीत शुरू नहीं की है.
पुनिया ने कहा , ‘‘हम मजबूत ताकत हैं और हमें किसी पार्टी के साथ गठबंधन की जरूरत नहीं है.’’उन्होंने कहा , ‘‘ यदि (गठबंधन) ऐसा होता है, तो बहुत अच्छी बात है, वरना हमें विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी अपने दम पर आसानी से सरकार बनाने में सक्षम होगी.’’
यह पूछने पर कि प्रदेश में कांग्रेस के पास जननेता की कमी का इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों पर प्रभाव पड़ेगा, उन्होंने कहा कि हालांकि 2013 में हुए नक्सली हमले में पार्टी का पूरा नेतृत्व मारा गया था लेकिन अभी भी हमारे पास कई महत्वपूर्ण और सक्रिय नेता हैं. जैसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, विधानसभा में विपक्ष के नेता टी . एस . सिंह देव और चरण दास महंत.
राज्यसभा सदस्य पुनिया ने कहा, ‘‘ हमारे पास ओबीसी, सामान्य और आदिवासियों में महत्वपूर्ण नेता हैं. ऐसे में प्रदेश में एक बहुत बड़े कद का नेता नहीं होना हमें समस्या नहीं लगती है. हमारे पास बीजेपी से लोहा लेने के लिए पर्याप्त प्रतिभा , समुचित अनुभव और सही नेतृत्व है.’’उन्होंने कहा , ‘‘ हम पिछला चुनाव सिर्फ अपने कुछ लोगों के धोखे की वजह से हारे थे. ’’
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर पुनिया ने कहा कि जोगी कांग्रेस के बहुत महत्वपूर्ण नेता थे और टिकटों के बंटवारे में उनकी धाक चलती थी. पुनिया ने आरोप लगाया कि जोगी उन उम्मीदवारों की चुनावी संभावनाओं को धूमिल करने की कोशिश भी करते थे, जिन्हें वह मुख्यमंत्री पद के लिए अपना प्रतिद्वंद्वी मानते थे. उन्होंने कहा , ‘‘अब अजीत जोगी हमारे पास नहीं हैं, उन्होंने अपनी पार्टी बना ली है, उन्हें शुभकामनाएं. अब कांग्रेस उन सभी तत्वों से मुक्त है जो पार्टी को अंदर से कमजोर बना रहे थे.’’
यह पूछने पर कि क्या 2016 में कांग्रेस का साथ छोड़कर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस पार्टी का गठन करने वाले जोगी पार्टी के वोट में सेंध लगाएंगे, पुनिया ने कहा कि जोग के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके काम करने के तरीके और नीतियों के कारण अगड़ी जातियां, ओबीसी, बुद्धिजीवी और व्यापारी वर्ग उनसे नाराज रहता था. उन्होंने कहा , ‘‘अब वह हमारे साथ नहीं हैं, अब लोगों को कांग्रेस पार्टी में मौजूद किसी चेहरे से एलर्जी नहीं है , ऐसे में सभी वोट हमारे खाते में आएंगे. एक तरह से देखें तो उनका कांग्रेस से जाना हमारे लिए फायदेमंद और भारतीय जनता पार्टी के लिए नुकसानदेह है.’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि राज्य में रमण सिंह सरकार के कामकाज के प्रति लोगों का सर्वमान्य विचार है ‘‘भ्रष्टाचार का गढ़'. उन्होंने आरोप लगाया , ‘‘रमण सिंह के पूरे परिवार, उनकी पत्नी, बेटे और दूर दूर के रिश्तेदारों तक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं. मैं जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं, पूरी कैबिनेट के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और जनता को इसकी जानकारी है.’’
छत्तीसगढ़ में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं किये जाने के संबंध में सवाल करने पर पुनिया ने कहा कि सामान्य तौर पर पार्टी की परंपरा रही है कि वह चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं करती है.
