Mallikarjun Kharge: कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के 'शक्ति' योजना पर पुनर्विचार करने के बयान से कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे नाराज हो गए हैं. खरगे ने स्पष्ट रूप से शिवकुमार को फटकार लगाते हुए कहा, "कर्नाटक की पांच गारंटियों को देखकर मैंने महाराष्ट्र में भी पांच गारंटी की घोषणा की, लेकिन अब आप कह रहे हैं कि एक गारंटी को हटाया जाएगा." उनके इस बयान से पार्टी के भीतर तनाव बढ़ गया है. खासकर जब योजना महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का वादा करती है.
डीके शिवकुमार ने हाल ही में कहा था कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की योजना का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, क्योंकि कुछ महिलाएं टिकट का भुगतान करने की इच्छा व्यक्त कर रही हैं. इस पर जब विपक्ष ने हमला बोला तो मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि योजना बंद नहीं होगी. उन्होंने बताया कि शिवकुमार ने केवल समीक्षा का सुझाव दिया था, जिससे खरगे और अन्य नेताओं के बीच स्थिति और भी जटिल हो गई है.
कांग्रेस की रणनीति पर ध्यानइस बीच खरगे ने कांग्रेस के लिए बजट के आधार पर योजनाएं घोषित करने का निर्देश दिया ताकि पार्टी की वित्तीय स्थिति पर कोई नकारात्मक असर न पड़े. शिवकुमार ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य योजना को खत्म करना नहीं था, बल्कि यह एक वैकल्पिक विकल्प हो सकता है. कर्नाटक सरकार ने पुनः आश्वासन दिया है कि 'शक्ति' योजना सहित सभी चुनावी गारंटियों को जारी रखा जाएगा. जिससे महिलाओं को सुविधाएं मिलती रहेंगी. इस स्थिति ने कांग्रेस की रणनीति और आंतरिक समन्वय की आवश्यकता को और अधिक उजागर किया है और पार्टी को इस विवाद को हल करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है.
